जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

सेक्टर सात के नीलकंठ मंदिर में सावन कृपाल रुहानी मिशन की ओर से एक अध्यात्मिक सत्संग करवाया गया। सत्संग में लोगों ने बढ़चढ़कर में आनंद लिया। सत्संग में फरमाया गया कि आज का आधुनिक युग में जब हमें पूर्ण गुरु के चरण कमलों में पहुंचते हैं तो वह हमें ध्यान अभ्यास की कला सिखाते हैं।जिससे कि ना सिर्फ हम अपने अंदर प्रभु की ज्योति व श्रुति का अनुभव करते हैं बल्कि इसके द्वारा हमारा बौद्धिक विकास भी होता है। क्योंकि ध्यान अभ्यास के द्वारा हमारी एकाग्र शक्ति में वृद्धि होती है। एक व्यक्ति अगर अपने जीवन में ध्यान अभ्यास को प्राथमिकता देता है तो वह अपने जीवन में बड़ी आसानी निपुणता हासिल कर लेता है। जिसके फलस्वरूप वह अपने इसी जीवन में अपने परम देव, क्योंकि अपनी आत्मा का मिलाप परमात्मा से करवाने का है ना केवल सफल होता है बल्कि इस जीवन के उतार चढ़ाव को भी आसानी से झेलने में सक्षम हो जाता है। इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाई बहनों को मिशन द्वारा प्रकाशित अध्यात्मिक साहित्य भी निशुल्क उपलब्ध करवाया गया।जिससे वह ध्यान अभ्यास द्वारा अपने जीवन में पूर्णता हासिल कर सके।

Posted By: Jagran

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