जागरण संवाददाता, अंबाला: अंबाला छावनी नगर परिषद की दुकानों में पिछले करीब बीस सालों से कारोबार कर रहे दुकानदारों को मालिकाना हक देने की तैयार कर ली है। इन दुकानदारों के नाम नगर परिषद रजिस्ट्री कराने पर सहमत हो चुका है। इससे पहले इन दुकानों का सर्वे किया गया, तो करीब बीस फीसद दुकानें अब तक सबलेट यानी आगे बेची पाई गई हैं।

नगर परिषद की टीम पिछले तीन दिनों से अंबाला छावनी के कबाड़ी बाजार, रेलवे रोड, सदर बाजार, शास्त्री मार्केट, गांधी मार्केट, इंदिरा चौक, सिविल अस्पताल के सामने बनी दुकानों का सर्वे कर रही है। सर्वे में देखा जा रहा है कि दुकानों का साइज कितना है, यह दुकान किसके नाम किराये पर है, मौजूदा समय में कौन काबिज है आदि की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

यह है मामला

नगर परिषद की दुकानों के किरायेदार करीब बीस साल से सरकार को किराया दे रहे हैं। अंबाला छावनी में करीब पांच सौ दुकानें हैं, जिनमें यह दुकानदार काबिज हैं। काफी लंबे समय से दुकानदारों की मांग है कि उनकी दुकानों की रजिस्ट्री करवाई जाए ताकि वे इन दुकानों के मालिक बन सकें। इसी को लेकर दुकानदार बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिले थे। यहां पर बातचीत के बाद इन दुकानदारों को नप के अधिकारी से मिलने के लिए कहा था। नप अधिकारी से दुकानदार मिले, तो आश्वासन दिया गया कि इस पर जल्द ही काम किया जाएगा। अब नगर परिषद ने इन दुकानों का सर्वे करना शुरू कर दिया है। सर्वे में यह चैक किया जा रहा है कि जिन लोगों को यह दुकानें किराये पर दी गई थी, उनमें से अब कौन काबिज हैं। लेकिन करीब बीस फीसद ऐसी दुकानें सामने आई हैं, जिनको किरायेदारों ने लाखों रुपये लेकर सबलेट कर दिया और मौजूदा समय में कोई और काबिज है। रिपोर्ट तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय को भेजी जाएगी, जिस के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी। घरों को तोड़कर बना डाली दुकानें

अंबाला छावनी की गांधी मार्केट में कई दुकानें ऐसी हैं, जो घरों में चल रही हैं। इन दुकानों की संख्या भी काफी अधिक है। जिस समय नगर परिषद ने इस मार्केट में दूसरी ओर दुकानें किराये पर दी थी, उसके बाद एक साइड में यह दुकानें धीरे-धीरे डेवलेप होने लगी। लोगों ने भी घरों के कमरे तोड़कर इसे दुकान का रूप दे दिया गया। इस मार्केट में ऐसी दुकानों की भी लिस्ट तैयार की जाएगी।

Posted By: Jagran

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