जागरण संवाददाता, अंबाला : करीब डेढ़ दशक के बाद हारट्रोन और साइंस कारोबारियों के बीच हुई मीटिग के बाद हलचल अभी तेज नहीं हो पाई है। इस मीटिग में साइंस कारोबारियों और हारट्रोन के चेयरमैन अंकुर गुप्ता (आइएएस) के बीच बातचीत हुई थी। उसमें कारोबारियों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं। कारोबारियों को भी लगा कि इस मीटिग के बाद साइंस इंडस्ट्री और हारट्रोन के बीच कामकाज तेज होगा, जिससे साइंस इंडस्ट्री को काफी फायदा होगा। एक माह बाद भी साइंस इंस्ट्रूमेंट कारोबारी अपनी डिमांड और समस्याओं का ड्रॉफ्ट नहीं तैयार कर पाए हैं। ऐसे में अभी भी हारट्रोन को इंतजार है कि कारोबारी लिखित में अपनी समस्याओं और डिमांड को भेजें, ताकि इस पर काम किया जा सके।

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इंडस्ट्री के लिए वरदान है हारट्रोन

80 के दशक के बाद से अंबाला में आइडीडीसी हारट्रोन (तत्कालीन) सेंटर साइंस सहित अन्य इंडस्ट्री को तकनीकी रूप से सशक्त बनाती रही है। अंबाला की साइंस इंडस्ट्री का देश ही नहीं विदेशों तक सामान सप्लाई होता था, लेकिन सन 2000 के बाद तो स्थिति काफी बदल गई, जबकि आइडीडीसी हारट्रोन को भी अपग्रेड नहीं किया गया। यही कारण है कि साइंस कारोबारियों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ा। मौजूदा स्थिति यह है कि चीन ने इस इंडस्ट्री में प्रवेश करते हुए काफी बढ़त बना ली।

असीमा अपने क्लस्टर बनाए हैं, जिनके चेयरमैन अपने स्तर पर मीटिग लेकर कागजी कार्रवाई कर रहे हैं। कारोबारियों की डिमांड और समस्याएं क्या हैं, जल्द ही हारट्रोन को यह भेजा जाएगा।

- संजय गुप्ता, प्रधान असीमा, अंबाला

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सामा से जुड़े कारोबारियों से बातचीत हुई है। इसी को लेकर काम किया गया है। जल्द ही इस बारे में हारट्रोन को लिस्ट सौंपी जाएगी।

- कैलाश धीर, प्रधान सामा, अंबाला

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मीटिग के लिए कोई पहले से रूपरेखा तय नहीं की जाती है। यकायक ही मीटिग कॉल कर ली जाती है। ऐसे में मुश्किल हो जाता है कि कारोबारी किस मुद्दे और समस्या पर बात करेंगे।

- उमेश गुप्ता, प्रधान सेम, अंबाला। समय - 7:56 बजे

Posted By: Jagran

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