जागरण संवाददाता, अंबाला : रेलवे स्टेशन कैंट के सामने ओवरब्रिज से लेकर टांगरी बांध तक चार किलोमीटर तक जगाधरी नेशनल हाईवे पर 10 शिक्षण संस्थान हैं। करीब हजारों की तादाद में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था लचर है। इसीलिए दोपहर के वक्त जगाधरी नेशनल हाइवे पर जाम लग जाता है। गर्मी के मौसम में बच्चों का आटो और नान-एसी कमर्शियल वाहन के अंदर बैठना मुश्किल हो जाता है। ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करने के लिए यदि पुलिस की ट्रैफिक व्यवस्था की दैनिक जागरण ने पड़ताल की तो दोपहर को छुट्टी के वक्त कई अव्यवस्था सामने आई हैं।

सबसे बड़ी बात तो है कि महज दो होमगार्ड के जवान ही नियमित ट्रैफिक कंट्रोल महज एक चौक पर ही करते नजर आएं, बाकी चौक पर ट्रैफिक बेलगाम नजर आई। जागरण टीम ने दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर ओवरब्रिज से ट्रैफिक व्यवस्था को चेक करना शुरू किया। ओवरब्रिज के नीचे टीम को पड़ाव थाना पुलिस की क्यूआरटी गाड़ी खड़ी मिली। लेकिन मुलाजिम तभी सीटी बजाते नजर आएं जब कोई वीआइपी, अधिकारी या फिर रोडवेज की बस, ट्रक बीच में फंस जाता था। इसीलिए अंबाला शहर, दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन चालकों को जाम में फंस रहे थे। जाम एसडीएम कार्यालय छावनी तक पहुंच गया था। ढाबे के आगे ऑटो बेतरतीब खड़े नजर आएं। इसके बाद जाम की स्थिति कान्वेंट आफ जीसेस मैरी स्कूल के चौक पर लगा था। जहां पर दो होमगार्ड की ड्यूटी थी लेकिन स्कूल वाहनों के एक साथ रोड पर आने से जाम की स्थिति पैदा हो जाती थी। हालात तब ज्यादा बिगड़ जाते हैं जब होमगार्डो की जोड़ी किसी ड्यूटी या छुट्टी पर हो। इसी चौक से लार्ड महावीर जैन स्कूल के बच्चे भी रोड पर चढ़ते हैं। इसके बाद जाम की स्थिति बीसी बाजार में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के सामने पैदा हो रखी थी लेकिन कोई भी ट्रैफिक यहां मौजूद नहीं था। टीम करीब 1 बजकर 27 मिनट पर गीता गोपाल पर पहुंची तो रेड लाइट पर वाहन चालकों ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद नागरिक अस्पताल के सामने आटो का जमावड़ा सवारियों को बैठाने के लिए लगा था। एसडी विद्या और डीएवी रिवर साइड स्कूल के बीच में क्रॉसिग पर जाम लगा था। पहले यहां पर ट्रैफिक बूथ था लेकिन अब यह बूथ एसडी विद्या स्कूल की दीवार की साथ में रख दिया गया है। कोई होमगार्ड कर्मी यहां मौजूद नहीं था। इसके बाद एसडी कॉलेज के पास लगी रेड लाइट पर कर्मचारी चालान काटने में मशगूल थे। यहां पर कर्मी अपने चालान काटने के टारगेट को पूरा करते नजर आएं। यहां पर लाइनों में खड़े वाहन चालकों को चेकिग के लिए रोक लिया जाता है जिस के पास डॉक्यूमेंट नहीं होते वह पुलिस के सामने से ही वाहन को तेज कर निकाल लेते हैं उनके लिए रेड लाइन ग्रीन के सामान है और चालान के डर से भाग निकलते हैं। सबसे भयानक स्थिति बीपीएस स्कूल से लेकर टांगरी बांध तक बनी हुई थी। इस हिस्से एक भी पुलिस कर्मी और होमगार्ड का जवान तैनात नहीं था। दुपहिया वाहन चालक तो जल्दबाजी के चलते कच्चे रास्ते से होकर गुजरते नजर आएं। ब्रह्मकुमारी चौक पर ट्रैफिक रेंग-रेंग का चलता है जिससे ट्रैफिक में फंसे वाहन चालकों को यूपी के शामली या सहारनपुर की याद आ जाती है।

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Posted By: Jagran

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