जागरण संवाददाता, अंबाला शहर: एक और सुधार कार्यक्रम हरियाणा के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर रॉकी मित्तल ने वीरवार को जिले के गांव सुल्लर स्थित नंदीशाला का अचानक दौरा किया। नंदीशाला में गोवंश के रख-रखाव को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि छोटे बछड़ों बड़े सांडों से अलग रखा जाए। एक साथ रखने से गोवंश को चोट लगने का भय रहता है। बड़े और छोटे गोवंशों को अलग-अलग शेडों में रखा जाए और सर्दी के मौसम को देखते हुए नंदीशाला में पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है। नंदीशाला में नन्दियों को रखने की दृष्टिगत किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

Posted By: Jagran

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