जागरण संवाददाता, अंबाला : स्कूल का नाम बदलने और बच्चों से फीस के नाम पर अधिक रुपये वसूलने में जहां छावनी के द एसडी विद्या स्कूल फंस गया है। उसकी मान्यता पर भी तलवार लटकी है। ऐसे में स्कूल के सैकड़ों बच्चों के भविष्य पर भी संकट मंडरा रहा है। बीते कई साल से चल रहे इस मामले को लेकर निदेशक सेकेंडरी एजुकेशन शिक्षा सदन ने आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के बाद स्कूल प्रबंधन जहां अपने आप को सही बता रहा है, वहीं अब आगे अपील करने की बात कर रहा है। क्या होगा बच्चों का

जारी आदेशों के तहत फिलहाल मार्च 2020 तक बच्चे इस स्कूल में पढ़ते रहेंगे। इसके बाद, शिक्षा सत्र 2020-21 में इन्हें दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। छह साल बाद ऑर्डर

उल्लेखनीय है कि पेरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने फीस बढ़ोतरी और नाम बदलने को लेकर शिक्षा विभाग में शिकायत दी थी, जिस पर करीब छह साल बाद अब ऑर्डर जारी किए गए हैं। यह है मामला

अंबाला-जगाधरी हाईवे पर दीवान हरिकिशन दास सनातन धर्म पब्लिक स्कूल (डीएचडीएसडी) अंबाला छावनी का नाम बिना किसी अप्रूवल के बदलकर एसडी विद्या किया गया। साथ ही, अधिक फीस वसूलने का भी स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगा। इसको लेकर संयुक्त सचिव शिक्षा विभाग ने जांच बिठा दी। जांच में सामने आया कि स्कूल का नाम बिना किसी अधिकृत अधिकारी से मंजूरी लिए बिना बदला गया है। साथ ही, बिना अनुमति स्कूल के नाम पर नए बैंक खाते खोले गए और पैसे इन खातों में ट्रांसफर किए गए। वहीं, अधिक फीस वसूलने के मामले में फीस एंड फंड रेगुलेटरी कमेटी (एफएफआरसी) ने अंबाला मंडलायुक्त की अध्यक्षता में जांच की। इस जांच में भी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट सामने आई, जिसके आधार पर अब उक्त आदेश जारी किए गए हैं। ये आदेश जारी किए गए

निदेशक सेकेंडरी एजुकेशन पंचकूला डॉ. बलकार सिंह ने आदेश जारी किए हैं, जिनका विवरण निम्नवत है..

- स्कूल को दी गई मान्यता अथवा एनओसी को 31 मार्च 2020 से रद किया जाए।

- स्कूल मैनेजमेंट को अब स्कूल चलाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।

- आगामी शिक्षा सत्र 2020-21 के लिए स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाए।

- स्कूल को आरोप गलत साबित करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, आगामी शिक्षा सत्र के लिए स्कूल एडमिशन नहीं ले सकता। यह है स्कूल का पक्ष

एसडी विद्या स्कूल की प्रिसिपल निदेशक नील इंद्रजीत कौर संधू ने कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं वह गलत हैं। जो भी बदलाव किए गए हैं, वह सारे नियम कानून के दायरे में रहकर ही किए हैं। स्कूल ने जो भी कदम उठाए, उसके सारे कागजात हमारे पास हैं। इसके लिए हम कागजात दिखा सकते हैं। इस मामले में हम प्रदेश के अतिरिक्त सचिव के पास अपील करेंगे।

Posted By: Jagran

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