अवतार चहल, अंबाला शहर

हाईप्रोफाइल लिव इन-रिलेशन के मामले में अभी भी बहुत से राज से पर्दा उठना बाकी रह गया। क्योंकि मामले में शिकायतकर्ता ने अपना मोबाइल जांच टीम को सुपुर्द ही नहीं किया, जबकि जांच टीम ने शिकायतकर्ता को आग्रह किया था कि मोबाइल पेश करे, ताकि सबूत जुटाए जा सके, लेकिन प्रार्थना के बाद भी शिकायतकर्ता ने जांच के दौरान अपना मोबाइल जमा नहीं कराया। हालांकि एसआइटी ने दस्तावेजों में पेन ड्राइव और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जरूर अपने कब्जे में लिए थे। उनमें भी पाया गया आपसी संबंध सहमति से थे। इसका पर्दाफाश डीएसपी के नेतृत्व में बनी विशेष जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में किया है।

29 मई, 2019 को दुष्कर्म की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हो गया था, लेकिन इससे पहले 3 अप्रैल, 2019 को गबन किए जाने की शिकायत हो चुकी थी। उसमें बताया गया था कि यूपीएचएआइ सोसाइटी का शिकायतकर्ता को खंजाची बनाया हुआ था और सोसाइटी का पूरा लेन-देन शिकायतकर्ता खुद संभालती थी। सोसाइटी के सदस्यों ने गबन की शिकायत दी थी। मामले में डीए तक ने अपनी राय दी कि शिकायतकर्ता ने जानबूझ कर यूपीएचएआइ की शिकायत को छिपाया है। इससे दोनों के संबंधों को नकारा नहीं जा सकता। डॉक्टर ने भी ओपिनियन दिया कि मार्च, 2014 से फरवरी, 2018 तक रिलेशन में रहे हैं। कोई ताजा चोट के निशान भी नहीं हैं। इसलिए पुलिदा बनाने का कोई फायदा नहीं।

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-जांच में आवाज वेरिफाई के लिए पहुंची सिर्फ एक महिला

मामले में एम्स के डॉ. नवनीत मग्गो ने पुलिस को एक डीवीडी पोस्ट की थी, जिसमें शिकायतकर्ता के पति और मग्गो, शिकायतकर्ता की माता की बातचीत रिकॉर्ड थी। इसी डीवीडी की एसआइटी को को जांच करनी थी। इसके लिए पुलिस ने जांच के लिये नोटिस भेज दिए थे, लेकिन जांच में सिर्फ शिकायतकर्ता की माता ही पहुंची थी। इनके बिना कोई भी जांच में शामिल नहीं हुआ।

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-एफबी हैक करने का लगा आरोप, जांच में मां का निकला आइपी एड्रेस

डॉ. नवनीत मग्गो पर फेसबुक हैक करने के आरोप लगाए गए थे, लेकिन पुलिस जांच में पाया गया कि उस अवधि में दो आइपी एड्रेस फेसबुक चलाया गया है। इनमें से एक आइपी शिकायतकर्ता की मां के मोहाली घर का और दूसरा मोहाली में ही एक बुजुर्ग के घर का निकला था। इससे यह कहानी भी झूठी पड़ गई थी। इसके अलावा एसआईटी ने पैन ड्राइव और इलेक्ट्रोनिक दस्तावेज कब्जे में ले लिए थे। इनकी जांच में भी दोनों में आपसी संबंध सहमति से होने पाए गए।

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-कांफ्रेस मुगल होटल में नहीं कालकृति मैदान में हुई थी

मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाये थे कि डॉ. नवनीत मग्गो ने जनवरी, 2016 में आगरा स्थित होटल आइटीसी मुगल में उसे जबरदस्ती अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस को अटैंड करने के लिये लेकर गया था, लेकिन पुलिस जांच में पाया गया कि जो कांफ्रेंस हुई थी वह मुगल में न होकर, बल्कि कालकृति मैदान आगरा में हुई थी। इससे भी साबित नहीं हो सका।

Posted By: Jagran

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