कैशलेस और इमरजेंसी इलाज होगा आसान... कौन-सा प्राइवेट अस्पताल रेलवे के पैनल में शामिल, अब तुरंत मिलेगी जानकारी
रेलवे बोर्ड ने रेलकर्मियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए रेफरल उपचार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है।

कौन-सा प्राइवेट अस्पताल रेलवे के पैनल में शामिल (फाइल फोटो)
HighLights
रेलवे अस्पतालों में निजी पैनलबद्ध अस्पतालों की सूची प्रदर्शित होगी
सूची में अस्पताल का नाम, विशेषज्ञता, वैधता, पता, संपर्क शामिल
मरीजों को रेफरल उपचार और आपात स्थिति में मिलेगी सुविधा
दीपक बहल, अंबाला। रेलवे अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों में इलाज के लिए पहुंचने वाले रेलकर्मियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए रेफरल उपचार की प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी होगी।
रेलवे बोर्ड ने देशभर यानी सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि उनके अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों में रेलवे से पैनलबद्ध निजी स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों (एचसीओ) की अद्यतन सूची प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाए।
इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को यह जानने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे कि किस निजी अस्पताल में रेलवे रेफरल के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
रेलवे बोर्ड के स्वास्थ्य (नीति एवं परियोजना) निदेशक डॉ. आशुतोष गर्ग की ओर से जारी आदेश में कहा रेलवे अस्पतालों में आने वाले कई लाभार्थियों को वर्तमान में पैनलबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों की जानकारी नहीं होती।
इसके कारण रेफरल उपचार के दौरान मरीजों और उनके साथ आए लोगों को असुविधा होती है। बोर्ड ने इसी समस्या को देखते हुए सूची को अस्पताल परिसर में स्पष्ट और आसानी से दिखाई देने वाले स्थान पर लगाने के निर्देश दिए हैं।
बोर्ड पर अस्पताल का नाम ही नहीं, पूरी जानकारी
नई व्यवस्था में सिर्फ निजी अस्पतालों के नाम प्रदर्शित करना पर्याप्त नहीं होगा। सूची में संबंधित अस्पताल की विशेषज्ञता, पैनल में शामिल होने की वैधता अवधि, पूरा पता और संपर्क विवरण भी दर्ज करना होगा।
इससे मरीज को यह पता चल सकेगा कि किसी खास बीमारी के इलाज के लिए कौन-सा अस्पताल उपलब्ध है और उसकी रेलवे के साथ मान्यता कब तक प्रभावी है। रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि पैनलबद्ध अस्पतालों की सूची स्थायी रूप से एक बार लगाकर छोड़ नहीं दी जाएगी।
किसी अस्पताल को सूची में शामिल किए जाने, हटाए जाने, निलंबित किए जाने या उसकी मान्यता की स्थिति में बदलाव होने पर सूची को तत्काल संशोधित करना होगा। यानी सूचना बोर्ड पर पुरानी जानकारी रहने की गुंजाइश कम होगी।
डिजिटल व्यवस्था से भी मिलेगी जानकारी
रेलवे की चिकित्सा व्यवस्था में पैनलबद्ध अस्पतालों की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था पहले से विकसित की जा रही है।
रेलवे के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली में पैनलबद्ध अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। रेलवे के निर्देशों के अनुसार लाभार्थी अस्पताल की लोकेशन और उपलब्ध सेवाओं/विशेषज्ञता की जानकारी देखकर उपचार के लिए विकल्प चुन सकता है। रेलवे की मौजूदा व्यवस्था में पैनलबद्ध अस्पतालों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है।
रेफरल और आपात स्थिति में पात्र लाभार्थियों को पैनलबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है। वहीं कुछ अस्पतालों की श्रेणी में मरीज को पहले भुगतान करना होता है और नियमों के अनुसार बाद में प्रतिपूर्ति का प्रावधान रहता है। इसलिए अस्पताल की सूची के साथ उसकी स्थिति और सुविधा की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
आपात स्थिति में भी उपयोगी होगी सूची
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा आपात स्थिति में हो सकता है। गंभीर बीमारी या अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर तीमारदारों को यह पता लगाने में समय नहीं गंवाना पड़ेगा कि रेलवे के साथ कौन-सा निजी अस्पताल पैनलबद्ध है। रेलवे की चिकित्सा व्यवस्था में आपात स्थिति के लिए पैनलबद्ध अस्पतालों में उपचार की विशेष व्यवस्था का प्रावधान है।
उत्तर रेलवे भी समय-समय पर अपने पैनलबद्ध निजी अस्पतालों की सूची जारी करता है, जिसमें अस्पताल का नाम, उपलब्ध विशेषज्ञता और पैनल की वैधता जैसी जानकारी दी जाती है। इससे स्पष्ट है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य लाभार्थियों को उपलब्ध चिकित्सा विकल्पों की जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध कराना है।
