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रेलवे में भ्रष्टाचार की सजा रिटायरमेंट के बाद भी, दो साल रोकी आधी पेंशन,ग्रेच्युटी जब्त

By Deepak BehalEdited By: Prince Sharma
Published: Thu, 10 Sep 2026 11:04 AM (IST)

रेलवे बोर्ड ने अंबाला रेल मंडल के एक सेवानिवृत्त अधीक्षक की दो साल तक आधी पेंशन रोकने और पूरी ग्रेच्युटी जब्त करने का आदेश दिया है।

रेलवे में भ्रष्टाचार की सजा रिटायरमेंट के बाद भी (फाइल फोटो)

रेलवे में भ्रष्टाचार की सजा रिटायरमेंट के बाद भी (फाइल फोटो)


HighLights

  1. अंबाला रेल अधिकारी की आधी पेंशन दो साल रोकी गई

  2. भ्रष्टाचार के आरोप में पूरी ग्रेच्युटी स्थायी रूप से जब्त

  3. यह कार्रवाई देशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश

दीपक बहल, अंबाला। भ्रष्टाचार कर सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी अब विभागीय कार्रवाई से बच निकलना आसान नहीं होगा। रेलवे बोर्ड ने अंबाला रेल मंडल के कमर्शियल ब्रांच कार्यालय के अधीक्षक (ओएस/सेवानिवृत्त) की दो साल तक 50 प्रतिशत मासिक पेंशन रोकने और पूरी ग्रेच्युटी स्थायी रूप से जब्त करने का आदेश दिया है।

दिल्ली से आदेश मिलने के बाद अंबाला मंडल ने भी लिखित में आदेश जारी कर दिए हैं। यह कार्रवाई रेलवे सेवा (पेंशन) नियम, 1993 के नियम-9 के तहत की गई है। इन आदेश की प्रति वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी को भी भेजी दी गई है।

रिश्वत लेने के आरोपों  में हुई गिरफ्तारी

यह मामला वर्ष 2013 का है। 15 अक्टूबर 2013 को अमरदीप सिंह की लिखित शिकायत के आधार पर सीबीआइ की चंडीगढ़ शाखा ने कमर्शियल ब्रांच कार्यालय के कार्यालय अधीक्षक पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। रिश्वत लेने के आरोपों में कार्यालय अधीक्षक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।

अदालत ने 2016 में उसे दो वर्ष के कठोर कारावास और कुल 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बोर्ड की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर उनकी 100 प्रतिशत पेंशन और पूरी ग्रेच्युटी स्थायी रूप से जब्त करने का प्रस्ताव रखा गया था।

अपने बचाव में दोषी ने दलील दी कि हाई कोर्ट में उनकी सजा निलंबित और आरोपों को गलत बताते हुए तर्क भी दिया था। हालांकि रेलवे बोर्ड ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

देशभर में जाएगा कार्रवाई का संदेश

रेलवे बोर्ड के इस फैसले का असर केवल अंबाला मंडल तक सीमित नहीं माना जा सकता। इसका संदेश देशभर में जाएगा। भ्रष्टाचार के मामले में दोषसिद्धि के बाद सेवानिवृत्ति लाभों पर कार्रवाई का यह फैसला उन कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए चेतावनी है, जो यह मानते हैं कि नौकरी खत्म होने के बाद पुराने मामलों से पीछा छूट जाएगा।

रेलवे बोर्ड ने इस कार्रवाई के जरिये साफ संकेत दिया है कि सरकारी सेवा के दौरान भ्रष्टाचार का हिसाब रिटायरमेंट के बाद भी लिया जा सकता है। पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे सेवानिवृत्ति लाभ भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।