अंबाला में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, दागने पड़े आंसू गैस के गोले; DSP सहित छह पुलिसकर्मी घायल
अंबाला में पंजोखरा साहिब मामले में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग को लेकर जीटी रोड पर 7 घंटे तक प्रदर्शन हुआ, जिससे 20 किमी लंबा जाम लग गया।
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अंबाला जीटी रोड पर 7 घंटे चला प्रदर्शन, पुलिस से झड़प में डीएसपी समेत छह घायल।
HighLights
पंजोखरा साहिब मामले में रिहाई की मांग पर प्रदर्शन
जीटी रोड पर 7 घंटे तक 20 किमी लंबा जाम
पुलिस पर पथराव, डीएसपी समेत छह घायल
जागरण संवाददाता, अंबाला। पंजोखरा साहिब मारपीट प्रकरण में गिरफ्तार दो लोगों की रिहाई की मांग को लेकर वीरवार दोपहर बाद करीब 500 लोगों की भीड़ जीटी रोड पर पहुंच गई। इससे दिल्ली-अमृतसर, दिल्ली-चंडीगढ़ और नारायणगढ़-दिल्ली हाईवे पर लंबा जाम लग गया। जीटी रोड की दोनों लेन समेत लगभग 20 किमी जाम में वाहन फंसे रहे।
हाईवे सात घंटे अवरुद्ध रहा। पुलिस ने पहले तीन बजे आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन भीड़ नहीं हटी। इसके बाद सायं साढ़े आठ बजे दोबारा आंसू गैस के गोले छोड़े। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला करने के साथ-साथ पथराव कर दिया। इसमें डीएसपी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को जीटी रोड से हटा जाम खुलवा दिया।

इससे पहले दिन में अंबाला के आइजी पंकज नैन, एसपी अजीत शेखावत और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई। मंड पर एफआइआर दर्ज करने की सहमति बनी, पर जेल में बंद दोनों आरोपितों को छोड़ने से पुलिस ने मना किया।
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इसके बाद कई लोग जीटी रोड पहुंचे व बेरिकेडिंग तोड़ दी। कुछ वाहनचालकों से चाबियां छीन ली गईं। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस से प्रदर्शनकारियों का कई बार टकराव हुआ। इससे पहले गुरुद्वारा साहिब में थाने घेराव का निर्णय लिया था, पर बाद में हाईवे जाम करने का फैसला लिया गया।

लोग जब जग्गी सिटी की ओर बढ़ी तो नारायणगढ़ रोड पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश झींडा भी चोटिल हो गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जग्गी सिटी सेंटर के पास हाईवे पर डेरा डाल दिया। पुलिस ने भीड़ हटाने का प्रयास किया, पर प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए व सात घंटे जाम लगाए रखा।
यह है मामला
पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा में सात अगस्त को अंतरराष्ट्रीय एंटी खालिस्तान टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड अपने बेटे और सुरक्षा कर्मियों के साथ पहुंचे थे। आरोप है कि उनकी गाड़ी उस रास्ते से गुरुद्वारा परिसर की ओर गई, जिस मार्ग पर संगत पैदल आती-जाती थी, जबकि वाहनों के लिए अलग रास्ता निर्धारित था।
इसी को लेकर विवाद बढ़ा। पुलिस ने केस दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इन्हीं की रिहाई की मांग कर प्रदर्शन हुआ। पहले पंजोखरा थाना पर भी प्रदर्शन किया था, जिसमें हिरासत में लिए दो लोगों को छोड़ दिया था। इसके बाद दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जिनको जेल भेजा था।
- दिल्ली-पंजाब, दिल्ली-चंडीगढ़ व नारायणगढ़-दिल्ली हाईवे पर लगा 20 किमी लंबा जाम
- पुलिस ने जिन रास्तों पर रूट डायवर्ट किया, उन पर भी रास्ता रुकने से फंसे रहे लोग
- जग्गी सिटी की ओर भीड़ बढ़ी तो हुआ हिंसक टकराव जगदीश झींडा भी चोटिल
- अंबाला-नारायणगढ़ हाईवे पर जाम लगने के कारण उसमें फंसे वाहन
डीएसपी का अंगूठा कटा
मामला बढ़ता देख एसपी अजीत शेखावत ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को हाईवे से हटने की अपील भी की। इस बीच पुलिस पर पथराव कर दिया गया और डीएसपी के हाथ पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। उनका अंगूठा काफी कट गया है। करीब छह पुलिसकर्मी घायल हुए। जानलेवा हमला करना और जीटी रोड को जाम करने की एफआइआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
ये हुए घायल
टकराव में डीएसपी वीरेंद्र शर्मा के अंगूठे पर गंभीर चोट आई है। इसके अलावा सिपाही रक्षित, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, नवीन कुमार, सहायक उप निरीक्षक सतीश और एएसआइ पंकज भी घायल हैं। एएसआइ पंकज की उंगलियों पर चोट लगी है। अन्य पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की सूचना है।
