जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

गांव मोहड़ी में इन दिनों को लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। जहां गांव में जोहड़ में जलकुंभी फैली हुई है, वहीं गांव की फिरनी पर गोबर के उपले नजर आते हैं। यानि गांव में प्रवेश करते ही बदहाली से स्वागत होता है। जलकुंभी से जहरीले कीटों के साथ मच्छरों की भरमार हो गई, वहीं गोबर के उपलों से भी दुर्गंध फैली रहती है। इस कारण सड़क भी छोटी पड़ने लगी है। गांव की ओर प्रशासन का ध्यान ही नहीं। यहां तक कि पशुओं को दवा देने के लिए बनाया गया सिस्टम भी टूट चुका है। फोटो - 41

रामपाल ने बताया कि गांव में जोहड़ कभी बहुत सुखदायी होते थे, क्योंकि उनका पानी गंदा नहीं बल्कि साफ होता था। पशु उसी में पानी पीते थे, लेकिन अब मुसीबत बन गये हैं, क्योंकि उनका पानी अब गंदा हो गया। गांव का गंदा पानी उनमें गिरने लग गया है। इससे बदबू होती है साथ ही मच्छर पनप रहे हैं। बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। फोटो - 42

गुरमीत सिंह ने बताया कि गांव में पशु अस्पताल बनना दूर, बल्कि जो शेड और टीकाकरण के लिए लगाए पाइप भी टूट चुके हैं। प्रदेश सरकार एक ओर पशुओं को बढ़ावा देने के लिये कदम उठा रही है। यहां लोगों को अपने पशुओं के इलाज के लिये निजी डाक्टरों को बुलाना पड़ता है और मोटी फीस देनी पड़ती है। फोटो - 43

चुहड़ सिंह ने बताया कि गांव की फिरनी पर गोबर के उपले बना दिये गए हैं। इससे गांव से फिरनी से निकलना मुश्किल हो जाता है। सड़क तो छोटी रह ही गई। इससे आवाजाही में दिक्कत होती है। शोभा बढ़ाने के लिये पंचायत ने लाखों रुपये खर्च कर फिरनी बनाई थी, लेकिन उपलों के कारण गोबर से स्वागत हो रहा है। फोटो - 44

संजय शर्मा ने बताया कि गांव की शोभा तभी बढ़ सकती है जब सभी ग्रामीण साथ दे। गांव की सबसे पहले पहचान फिरनी से ही होती है। फिरनी को ज्यादा से ज्यादा साफ और सुंदर बनाया जाना चाहिए। हो सके तो उसे हरा-भरा करना चाहिए। उपलों से पूरे गांव की तस्वीर बिगड़ती है। गांव की छवि धूमिल होती है।

Posted By: Jagran

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