जागरण संवाददाता, अंबाला : प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। छोटे कस्बों और पिछड़े इलाके के लोगों को इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो गया है। आयुष्मान योजना के तहत हो रहा गम्भीर बीमारियों का इलाज। आयुष्मान योजना का बहुत अच्छा परिणाम देखने को मिल रहा है। आयुष्मान स्वास्थ्य योजना जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है।

सरकारी अस्पतालों के अलावा आयुष्मान योजना में अंबाला के 26 प्राइवेट अस्पतालों को स्कीम के लाभार्थियों का इलाज से लेकर आप्रेशन करने के लिए पैनल में शामिल किया गया है। योजना में शामिल 98 हजार 500 लाभार्थियों में 4792 का इलाज सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में किया गया।

आयुष्मान योजना में अंबाला के 98,500 लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ देने के लिए गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। 12 फरवरी तक के आंकड़ों को देखा जाए तो आयुष्मान स्कीम के तहत पंजीकृत 4792 का इलाज सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में हुआ। इसमें सरकारी अस्पताल में 1771 और निजी अस्पताल में 3021 का इलाज से लेकर आप्रेशन हुआ। सरकारी अस्पतालों में लाभार्थियों के इलाज पर सरकार ने 3 करोड़ 51 लाख 75 हजार 677 रुपये खर्च हुए, इसी तरह प्राइवेट अस्पताल में 4 करोड़ 30 लाख 28 हजार 288 रुपये खर्च हुआ। गोल्डन कार्ड बनाने के लिए लग रहे कैंप

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की योजना पर काम शुरू हुआ। इसमें अंबाला के करीब एक लाख परिवार को योजना का लाभ मिले, इसके लिए गोल्डन कार्ड बनाने का काम चल रहा है। पुराना नागरिक अस्पताल शहर के आयुष्मान केंद्र पर लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाये जा रहें हैं। साथ ही गांव गांव आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी के सहयोग से कैंप लगाकर लाभार्थी परिवार का गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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