जागरण संवाददाता, अंबाला : छावनी के नागरिक अस्पताल में मरीजों को अल्ट्रासाउंड देने की तारीख में पिछले लंबे समय से खेल किया जा रहा था। जिन मरीजों को कुछ दिन बाद की तारीख दी जानी चाहिए थी उन्हें से¨टग के जरिए आज या कल ही तारीख दी जा रही थी। जबकि जिन मरीजों को कई-कई दिन की तारीख पहले से मिली हुई थी उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा था। ऐसे में अब अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला आया तो उन्होंने खिड़की पर कार्यरत कर्मी से ही अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए तारीख देने का काम छीन लिया। अब अल्ट्रासाउंड कमरे में कार्यरत एक अन्य कर्मी को तारीख देने का काम सौंपा गया है। इससे मरीजों को अब काफी राहत मिलेगी।

हुआ यूं कि अस्पताल में किसी भी मरीज को अगर डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए कहा जाता था तो उसे सबसे पहले रजिस्ट्रेशन वाली खिड़की पर तारीख लेने के लिए भेजा जाता था। ऐसे में मरीजों को 40 से 50 दिन बाद तक की तारीख अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए दी जाती थी। लेकिन अगर खिड़की पर तारीख देने वाले कर्मी से बातचीत हो जाए या कोई जानकार आ जाता तो फिर से¨टग का खेल शुरू हो जाता था। खिड़की पर बैठने वाला कर्मी से¨टग के बाद मरीज को आज या फिर कल की तारीख देकर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भेज देता था। ऐसे में डॉक्टर के पास पिछले लंबे समय से ऐसे कई मामले सामने आ रहे थे। इसी कारण यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। इसके बाद अधिकारी ने खिड़की पर अल्ट्रासाउंड की तारीख देने वाले कर्मी से यह काम ही छीन लिया। साथ ही अल्ट्रासाउंड वाले कमरे में कार्यरत एक अन्य कर्मी को यह काम सौंपा गया।

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