जेएनएन, अंबाला शहर। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ दायर याचिका में अदालत ने याची से वह अथॉरिटी मांगी है, जिसमें पता चल सके कि अदालत इस मामले की सुनवाई करने में सक्षम भी है या नहीं। साथ ही ऐसा करना प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता भी है या नहीं। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 10 अगस्त के लिए निर्धारित कर दी, जिसमें तय होगा कि केस चलेगा या नहीं।

उक्त याचिका अंबाला-एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य की ओर से दायर की गई थी। इसके साथ ही शनिवार को शांडिल्य ने हाफिज सईद, लख्वी, मसूद अजहर के उन केसों की सूची जारी की जो भारत में दर्ज हैं।

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बता दें कि 19 जुलाई 2016 को शांडिल्य ने पाक पीएम नवाज शरीफ, कश्मीर के अलगाववादी नेता सय्यद अली शाह गिलानी, शब्बीर शाह, यासीन मालिक के खिलाफ याचिका दायर की थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया भारत की एकता और अखंडता को कमजोर कर रहे हैं और कश्मीर में हिंसा के माध्यम से आतंक फैला रहे है।

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आइपीसी की धारा 121 (वॉर अगेंस्ट इंडिया) व 120-बी (साजिश) की धाराओं के तहत पुलिस को निर्देश देकर केस दर्ज करने की मांग की गई। कोर्ट ने पहले 25 जुलाई और फिर 6 अगस्त की तारीख तय की थी। कोर्ट ने पूछा था कि क्या कोर्ट समन जारी कर सकती है या नहीं। एडवोकेट संदीप सचदेवा ने बताया कि उन्होंने अदालत में उन मोस्टवांटेड आतंकियों की सूची पेश की जोकि पाकिस्तान में शरण लिए हैं।

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Posted By: Kamlesh Bhatt