जागरण संवाददाता, अंबाला : नगर परिषद अंबाला कैंट की दुकानों का किरायेदारों को मालिकाना हक देने की योजना में अब रजिस्ट्री का इंतजार है। इसमें दुकानें ही नहीं खोखे भी शामिल हैं। इन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया अभी तक शुरु नहीं हो पाई है, जबकि किरायेदारों को इसका इंतजार है। अधिकारियों की मानें तो यह प्रक्रिया जल्द शुरु हो सकती है। हालांकि अधिकतर दुकानदारों के आवेदन के बाद प्रक्रिया को पूरा किया जा चुका है। दुकानदार भी इंतजार में हैं कि उनको दुकानों का मालिकाना हक मिले।

उल्लेखनीय है कि सरकार नगर निकायों की किराये की दुकानों के किरायेदारों को मालिकाना हक देने के लिए स्वामित्व योजना को शुरु किया था। पांच माह पहले इसको लेकर आवेदन लेने शुरू किए गए। प्रक्रिया के तहत दुकानदारों ने यह आवेदन किए, जबकि कईयों में खामियां भी पाई गईं। इन खामियों को दुकानदारों ने दूर भी कर दिया। इसके बाद से लगातार दुकानदार इंतजार कर रहे हैं कि इन आवेदनों को फाइनल कर इनकी रजिस्ट्री के आर्डर दिए जाएं। अभी तक यह आर्डर मिले नहीं हैं। दूसरी ओर दुकानदारों का कहना है कि रजिस्ट्री के लिए वे अपनी तैयारी करके बैठे हैं। अब नगर परिषद में तो सारी प्रक्रिया पूरी करवा चुके हैं। यह है स्थिति

नगर परिषद अंबाला कैंट के अधीन 936 दुकानें हैं, जिनमें से 933 ने मालिकाना हक के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा तहबाजारी यानी खोखो की संख्या 150 है। इन सभी को सरकार द्वारा मालिकाना हक दिया जाना है। किराये की दुकानों को लेकर किरायेदारों द्वारा किए गए आवेदन व अन्य प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि अब निर्देशों का इंतजार है। जैसे ही निर्देश मिलेंगे, उसके आधार पर आगामी प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा।

- राजेश कुमार, सचिव, नगर परिषद अंबाला सदर

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