जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : कोरोना संक्रमण के दौरान हुए लॉकडाउन के समय तब्लीगी मरकज जमातियों पर मुकदमा दर्ज किया था। इस कारण ये जमाती दो माह तक जेल में भी रहे। अब अदालत ने इन जमातियों को एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाकर छोड़ दिया है, लेकिन इनको अपने-अपने देश लौटने के लिए लुक आउट कंट्रोल (एलओसी) लेनी होगी। इसके लिए प्रकिया शुरू कर दी गई है।

बता दें कि लॉकडाउन के दौरान अंबाला छावनी की जामा मस्जिद में तब्लीगी मरकज जमाती होने की सूचना मिली थी, जो दिल्ली से बिना जानकारी दिए अंबाला छावनी पहुंच गए थे। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने नेपाल के आठ व श्रीलंका के एक नागरिक के खिलाफ संक्रमण फैलाने, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम -2005 और फॉरनर्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन था। तब्लीगी जमात के ये लोग दो माह तक जेल में बंद रहे। हालांकि इसके बाद सभी को जमानत मिल गई थी, लेकिन नेपाल के रहने वाले एक तब्लीगी की तबीयत बिगड़ने से जेल में मौत गई थी। बताया जा रहा है उक्त तब्लीगी के फेफड़ों में दिक्कत थी। कोर्ट में सभी तब्लीगियों का कोई गुनाह साबित नहीं हो पाया, लेकिन कोरोना के नियम तोड़ने पर धारा 188 के नियमों की उल्लंघना हुई थी। जिसके चलते अदालत ने एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाकर इन्हें छोड़ दिया।

------ -प्राइमा फेसिया खत्म, लेनी होगी एलओेसी

कोई अपराध साबित नहीं होने पर प्राइमा फेसिया खत्म कर दिया जाता है। इसी तरह तब्लीगियों के खिलाफ लगे प्राइमा फेसिया को खत्म कर दिया गया है। इसके बाद धारा 188 लगाकर जुर्माना कर सभी को छोड़ दिया गया। जुर्माना अदा करने के बाद अब केस खत्म हो गया है, लेकिन तब्लीगियों को अपने देश में वापस लौटने के लिए जिला प्रशासन की ओर से एलओसी लेनी होगी। जिसमें प्रशासन प्रमाण पत्र जारी करेगा और इसके बाद तब्लीगी अपनी-अपनी एम्बेसी जा सकेंगे। फिलहाल ये तब्लीगी छावनी स्थित चुना मंडी चौक स्थित जामा मस्जिद में ठहरे हुए हैं।

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