मनीष श्रीवास्तव, अंबाला

आपातकाल काल के दौरान में जेल गए 500 लोगों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान के दायरे में लाया जाएगा। साथ ही नंबरदार, चौकीदार और 1957 में हिदी आंदोलन का हिस्सा बने वे लोग जिन्होंने जेलों में यातनाएं झेलीं उनके परिवार को भी आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक के निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। अभी जिले में योजना के तहत 3 लाख 12 हजार लाभार्थी हैं। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद अंबाला में आयुष्मान के लाभार्थियों की संख्या 3 लाख 25 हजार हो जाएगी। अब उपायुक्त कार्यालय से इमरजेंसी के दौरान जेल गए लोगों के नाम के साथ उनके आश्रितों की सूचना मांगी गई है।

आयुष्मान योजना के जिला नोडल अधिकारी को आइएएस अमनीत सी कुमार ने आदेश जारी करते हुए मुख्यमंत्री मनोहरलाल की पूर्व में की गई घोषणा के तहत स्कीम में चौकीदार, नंबरदार और हिदी आंदोलन के सहभागी बने लोगों के परिवार को शामिल करने को कहा है। पंचकूला से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि स्कीम में शामिल करके बकायदे लाभार्थी को पते पर पत्र भेजकर अवगत कराया जाए। इसके साथ ही जिला स्तर पर आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले निजी अस्पतालों की सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी।

-----------------

पैनल में शामिल अंबाला के निजी अस्पताल

मनोचा आइ हास्पिटल, एमएम इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, बंसल ग्लोबल हास्पिटल, बंसल आई हास्पिटल, गाडीर्यन हास्पिटल, पीसी शर्मा आई हास्पिटल, डोगरा पैथ लैब्स, लीलावती हास्पिटल, अनेजा हास्पिटल एंड नर्सिग होम, मेहंदीरत्ता हास्पिटल, रोटरी अंबाला कैंसर एंड जनरल हास्पिटल, कपिल आई हास्पिटल, सी लाल हास्पिटल, मोंगा हास्पिटल एंड स्टोन सेंटर, ईश्वर हास्पिटल, हीलिग टच सुपर-स्पेशलिटी हास्पिटल, सारवाल हास्पिटल, श्री ओंकार आइ एंड ईएनटी, एल जे आई इंस्टीट्यूट।

--------------

23 हजार नंबरदार के परिवार को मिलेगा लाभ

प्रदेश सरकार ने राज्य के 23 हजार से अधिक नंबरदारों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत कवर करने का फैसला किया है। इसका मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियां होने पर नंबरदार अथवा उसके परिवार के सदस्य को इलाज की सुविधा देना है। इस योजना के तहत जिले के सभी नंबरदारों को आयुष्मान का कार्ड बनाया जा रहा है।

----------------

लाभ के दायरे में आए 7017 ग्रामीण चौकीदार

प्रदेश में इस समय गांवों में 7017 पंजीकृत ग्रामीण चौकीदार हैं। गांव में मुनादी करने के अलावा गांव में होने वाली घटनाओं की सूरत में गवाही और शिनाख्त में चौकीदार की भूमिका अहम रहती है। गांव में होने वाली मौत का रिकार्ड भी चौकीदारों द्वारा ही रखा जाता है। आयुष्मान योजना का लाभ इन सभी चौकीदारों के साथ उनके परिवार को मिलेगा।

----------------------

हिदी आंदोलन वालों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का दर्जा

वर्ष 1957 में हिदी आंदोलन के दौरान प्रताड़ित हुए और जेल यातना सहने वाले नागरिकों को राज्य सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का दर्जा दिया है। अब उनके आश्रितों और परिवार के सदस्यों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलने जा रहा है। ऐसे व्यक्तियों की जानकारी आयुष्मान योजना के सुपरिटेंडेंट ने जिला उपायुक्त कार्यालय से सूची मांगी है। ताकि उन्हें योजना की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।

Edited By: Jagran