टोल पर हर महीने 360 रुपये देने से मिलेगी मुक्ति, अब ₹1500 में सालभर का पास; 20 KM के दायरे में रहने वालों को छूट
स्थानीय वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर अब मासिक की जगह सालाना पास बनवाने का विकल्प मिलेगा, जिससे उन्हें हर साल 1320 से 2820 रुपये तक की बचत होगी।

टोल प्लाजा पर अब मासिक की जगह सालाना पास बनवाने का विकल्प मिले (फाइल फोटो)
HighLights
मासिक की जगह सालाना टोल पास का विकल्प
सालाना 1320 से 2820 रुपये तक की बचत
1 नवंबर से लागू, 20 किमी दायरे वालों को लाभ
दीपक बहल, अंबाला। राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोजाना सफर करने वाले स्थानीय वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है। टोल प्लाजा से बार-बार गुजरने के लिए अब हर महीने 360 रुपये का स्थानीय पास बनवाने के बजाय सालभर का रियायती पास बनवाया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए सालाना 1500 और 3000 रुपये की दो दरें निर्धारित की हैं।
अभी मासिक पास के लिए सालभर में 4320 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा की स्थिति के अनुसार वाहन चालकों को सालाना 1320 से 2820 रुपये तक की बचत होगी।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नए नियम 1 नवंबर 2026 से लागू होंगे। इस संबंध में देश भर के नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) को लिखित आदेश जारी किये जा चुके हैं।
टोल की जगह के हिसाब से तय होगा शुल्क
मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन करते हुए रियायती स्थानीय पास की दरें तय की हैं। 26 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, यदि टोल प्लाजा नगरपालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर स्थित है तो वार्षिक पास के लिए 1500 रुपये देने होंगे।
वहीं, यदि टोल प्लाजा नगरपालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के भीतर है तो सालाना शुल्क 3000 रुपये होगा। इस तरह ग्रामीण या नगरीय सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए पहले के 4320 रुपये सालाना खर्च की तुलना में 2820 रुपये की बचत होगी। शहर की सीमा में स्थित टोल प्लाजा के मामले में यह बचत 1320 रुपये सालाना होगी।
20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को लाभ
यह सुविधा सभी वाहन चालकों के लिए नहीं होगी। अधिसूचना के अनुसार, ऐसे निजी वाहन मालिक इसके पात्र होंगे, जिनके वाहन गैर-वाणिज्यिक उपयोग के लिए पंजीकृत हैं, जिन पर वैध और चालू फास्टैग लगा है और जो संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर की दूरी के भीतर रहते हैं। पास केवल उसी टोल प्लाजा से आवागमन के लिए मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है।
इस व्यवस्था से उन लोगों को फायदा मिलने की संभावना है, जिन्हें नौकरी, कारोबार, पढ़ाई या अन्य जरूरी कामों के लिए नियमित रूप से एक ही टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है। उन्हें हर महीने पास बनवाने के बजाय सालभर के लिए निर्धारित शुल्क का विकल्प मिलेगा।
हर टोल प्लाजा पर लागू नहीं होगी सुविधा
मंत्रालय ने इसके साथ कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। जिन राष्ट्रीय राजमार्गों या द्रुतगति मार्गों पर बंद उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह प्रणाली लागू है, वहां यह रियायती स्थानीय पास जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, यदि संबंधित वाहन चालक के उपयोग के लिए सेवा सड़क या वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है, तो भी इस पास का लाभ नहीं मिलेगा।
1 नवंबर से प्रभावी होंगे नियम
यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 के तहत किया गया है। केंद्र सरकार हर वर्ष 1 अप्रैल को इन दरों में संशोधन कर सकेगी।
नई व्यवस्था का उद्देश्य टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले पात्रटोल पर हर महीने 360 रुपये देने से मिलेगी मुक्ति, अब 1500 रुपये में सालभर का पास नगरपालिका सीमा से बाहर टोल प्लाजा पर 2820 और शहर की सीमा में 1320 रुपये सालाना की होगी बचत
एक साल का खर्च और बचत
- टोल प्लाजा नगरीय सीमा से बाहर: पहले 4320 रुपये सालाना, अब 1500 रुपये। बचत 2820 रुपये।
- टोल प्लाजा नगरीय सीमा के भीतर: पहले 4320 रुपये सालाना, अब 3000 रुपये। बचत 1320 रुपये।
वाहन चालकों को काफी राहत मिलेगी: पीडी अकृति गुप्ता
नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) की प्रोजेक्ट डायरेक्टर अकृति गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से वाहन चालकों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक नवंबर से इसे लागू कर दिया जाएगा।
