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ट्रेन में मोबाइल चार्ज करने वालों के लिए जरूरी खबर! रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे चार्जिंग प्वाइंट

Published: Wed, 28 Oct 2026 10:27 PM (IST)

रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

ट्रेनों में रात 11 से सुबह पांच बजे तक बंद रहेंगे मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट।

ट्रेनों में रात 11 से सुबह पांच बजे तक बंद रहेंगे मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट।

HighLights

  1. रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग सुविधा नहीं मिलेगी

  2. यह फैसला आग लगने की घटनाओं को रोकने हेतु लिया गया

  3. अधिकारियों को औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं

दीपक बहल, अंबाला। ट्रेनों में मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण चार्ज करने वाले यात्रियों को अब रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक चार्जिंग की सुविधा नहीं मिलेगी। इस अवधि में चार्जिंग प्वाइंट बंद रहेंगे। रेलवे बोर्ड ने व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने के लिए सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी किए हैं।

यह फैसला गत शनिवार को दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) में चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फटने और धुआं निकलने की घटना के बाद लिया गया है। दक्षिण पश्चिम रेलवे के बेंगलुरु मंडल में हजूर साहिब नांदेड़-केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस में हुई आग की घटना के बाद 19 जून 2014 को भी ऐसा निर्णय लिया गया था, लेकिन उसकी पालना नहीं की गई।

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में चार्जिंग प्वाइंट बंद रखने के नियम में हीलाहवाली नहीं की जाएगी। अनदेखी रोकने के लिए अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

रेलवे में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए मोबाइल फोन, पावर बैंक और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की चार्जिंग आम जरूरत बन चुकी है। कई यात्री रात में सोने से पहले अपने मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगा देते हैं। ऐसे में निर्धारित समय में चार्जिंग प्वाइंट बंद रखने के नियम का पालन सुनिश्चित करना रेलकर्मियों की जिम्मेदारी होगी।

पहले से लागू व्यवस्था के पालन पर जोर

रेलवे बोर्ड ने 19 जून 2014 को जारी पुराने निर्देश का भी उल्लेख किया है। यह निर्णय 2014 में दक्षिण पश्चिम रेलवे के बेंगलुरु मंडल में हजूर साहिब नांदेड़-केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस में हुई एक आग की घटना के बाद लिया गया था। तब रेलवे सुरक्षा आयुक्त की सिफारिश पर ट्रेनों में इलेक्ट्रिकल साकेट प्वाइंट्स को बंद करने का फैसला हुआ था।

इसके तहत रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक यात्री कोचों में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। हाल ही में दक्षिण पूर्व रेलवे में हुई घटना ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी पत्र में सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियरों को इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

अधिकारियों की जवाबदेही अहम

रेलवे बोर्ड ने निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के स्तर पर औचक निरीक्षण कराने को कहा है। इन निरीक्षणों से यह जांचा जाएगा कि रात के निर्धारित समय में चार्जिंग प्वाइंट बंद रखे जा रहे हैं या नहीं।

संबंधित कर्मचारियों को नियमों की जानकारी देने, उनकी काउंसिलिंग करने और जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देने के निर्देश भी जारी किए हैं। रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनका जमीन पर पालन भी सुनिश्चित करना होगा। फैसले का मकसद आग से सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए और कोचों में स्टीकर लगा यात्रियों को जागरूक किया जाए।

शनिवार को हुआ था हादसा

मुंबई-हावड़ा मेल (ट्रेन संख्या 12809 डाउन) में ओडिशा के चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत बंडामुंडा स्टेशन के पास गत शनिवार रात एसी कोच बी-3 में एक यात्री ने अपना पावर बैंक चार्जिंग पर लगाया हुआ था। आनबोर्ड स्टाफ द्वारा निर्धारित समय पर बिजली की आपूर्ति बंद न किए जाने से ओवरहीटिंग के कारण पावर बैंक में धुआं उठा और जोरदार आवाज के साथ फट गया था। इससे पूरे डिब्बे में धुआं फैलने के कारण यात्रियों में अफरातफरी मच गई थी। हालांकि रेल कर्मचारियों ने स्थिति पर काबू पा लिया था और कोई जनहानि नहीं हुई थी।