जागरण संवाददाता, अंबाला : दिहाड़ी करने वाले निर्मल सिंह की बेटी महक ने खंड साहा के गांव संभालखा के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ते हुए जिला टॉप कर दिया। महक ने 500 में से 486 अंक हासिल किए है।

महक ने बताया कि पिता निर्मल सिंह ने उसे कभी किसी चीज की कमी नहीं आने दी। बेहतर पढ़ाई के साथ-साथ दो भाइयों सहित पूरे परिवार का खर्च उठाने के लिए पिता जगह-जगह दिहाड़ी करते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी रेनू अग्रवाल ने भी छात्रा को बधाई दी।

दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में महक ने बताया कि स्कूल से आने के बाद वह सो जाती थी। रात के समय वह कई-कई घंटों तक रिविजन करती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण केवल सेल्फ स्टडी पर ही ध्यान दिया। सोशल मीडिया से दूरी बनाने के लिए की-पैड वाले फोन का इस्तेमाल किया। माता राजरानी गृहिणी हैं। टाइम टेबल के मुताबिक ही हर काम करवाया। महक ने कहा कि वह इंजीनियर बनकर अपने परिवार व गांव का नाम रोशन करना चाहती है।

शिखा ने छुआ आसमां, बना चाहती है सेना का हिस्सा

जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : 485 अंक लेने वाली शिखा सेना का हिस्सा बनना चाहती है। दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में उसने बताया कि उसके परिवार से कोई भी सेना में नहीं है। उसका यह सपना है कि वह एयर फोर्स में भर्ती हो। शिखा सोहना खंड बराड़ा के श्री विश्वकर्मा पब्लिक स्कूल की छात्रा है। वह 12वीं नॉन मेडिकल से करेगी। शिखा के पिता संदेश कुमार बराड़ा के गांव अध्योया में फर्नीचर की दुकान चला रहे हैं जबकि मां नेहा गृहिणी हैं।

शिखा ने बताया कि उसकी सहेली के पिता ने रिजल्ट की जानकारी दी थी। रिजल्ट आने के बाद प्रिसिपल पूनम ने भी उसे फोन कर बधाई दी और बताया कि उसने जिले में दूसरा स्थान पाया है। शिखा ने बताया कि उसके पिता रिश्तेदारी में गए हैं, उनके आने के बाद ही पार्टी करेंगे।

कारपेंटर की बेटी ने किया स्कूल में टॉप, पाए 96.6 प्रतिशत अंक

जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : पीकेआर जैन ग‌र्ल्स स्कूल में पढ़ने वाली सिमरन कौर ने 96.6 प्रतिशत अंक पाकर स्कूल सहित अपने माता-पिता का नाम रोशन कर दिया। सिमरन जिले में 10वीं कक्षा के परिणाम में तीसरे स्थान पर रही। पिता निर्मल सिंह कारपेंटर और मां मंजीत कौर हाउस वाइफ है। पिता 10वीं तो मां बीए पास है। गांव कौलां में रहने वाली सिमरन ने बताया कि वह स्कूल से घर आकर करीब 4-5 घंटे पढ़ती थी। रोजाना सुबह पांच बजे उठकर स्कूल जाने तक भी पढ़ाई करती थी। बड़ी बहन अमनप्रीत ने इसी साल इसी स्कूल से 12वीं कक्षा में 89 प्रतिशत अंक पाए हैं।

सिमरन ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में बताया कि उसके चाचा गुरमीत सिंह ने उसे रिजल्ट के बारे में बताया था। उसने अच्छे अंक लाने पर कोई डिमांड तो नहीं की, लेकिन पार्टी जरूर करेंगे। वह अब नॉन मेडिकल से 12वीं कर फार्मेसी में जाना चाहती है।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran