प्रेमी जोड़ा के स्वजनों ने कोर्ट में पेश किए, नाबालिग निकले

जागरण संवाददाता, पानीपत

उत्तर प्रदेश के जिला बदायूं से भागकर वधावाराम कॉलोनी वासी प्रेमी के घर पहुंची किशोरी मामले में दोनों के स्वजन शुक्रवार को जेएमआइसी (प्रथम श्रेणी)देवेंद्र सिंह की कोर्ट में पेश हुए। लड़के की आयु 18 साल और लड़की की 15 साल निकली।

महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि बदायूं से किशोरी की मां और मामा उसकी आयु का प्रमाण पत्र लेकर पहुंचे थे।लड़के की आयु का प्रमाण पत्र तहसील कैंप स्थित एक स्कूल से निकलवाया गया। यह जोड़ा तीन साल बाद शादी के योग्य होगा। दोनों के स्वजनों ने कोर्ट में बयान देते हुए कहा कि योग्य होने पर ही बच्चों का विवाह करेंगे।

किशोरी की मां उसे साथ ले जाना चाहती थी, किशोरी भी घर जाने को तैयार थी। बाल कल्याण समिति ने उसे स्वजनों के सुपुर्द कर दिया। दोनों बहन भी नाबालिग :

सनौली थाना के गांव जलालपुर में भी बुधवार को सगी बहनों की शादी भी रुकवाई गई थी। जिला अंबाला के गांव बिजदपुर वासी सोनू और राजेश पुत्रगण श्यामलाल बरात लेकर पहुंचे थे। इस मामले में दोनों पक्षों को समालखा में जेएमआइसी(प्रथम श्रेणी) अविनाश यादव की कोर्ट में पेश किया गया। बड़ी बहन की आयु 16 साल 11 माह और छोटी की आयु 14 साल निकली। दोनों पक्षों के स्वजनों ने किशोरियों के बालिग होने पर शादी करने का बयान दिया है।

Posted By: Jagran

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