जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

शहर के बादशाही बाग में एक वकील ने अन्य के साथ मिलकर सरकारी गली में ही कब्जा करने का प्रयास किया। यहां तक कि गली पूर्ण रूप से अपना कब्जा करने के लिए गलत तरीके से तहसील में रजिस्ट्री भी करवा ली। ऐसे में अब रजिस्ट्री करवाने के अलावा सरकारी गली की रजिस्ट्री करने वाले कर्मी भी संदेह के घेरे में आ गए है। इस बारे में बादशाही बाग निवासी छत्रपाल ने 20 सितंबर 2017 को एसपी के पास गड़बड़झाले को लेकर लिखित शिकायत की थी। ऐसे में इस शिकायत के आधार पर अब बीती 12 अगस्त को शहर थाने में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। इस मामले में जिस महिला के नाम पर रजिस्ट्री है सु¨पद्र देवी, पूर्ण ¨सह पाल और वरयाम ¨सह को नामजद किया गया है। फिलहाल पुलिस अब इस मामले में दस्तावेज एकत्रित कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपितों को सलाखों के पीछे भेजा का सके।

शिकायतकर्ता छत्रपाल ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि बादशाही बाग में इनका पुराना मकान था जिसे तोड़कर वह नया बना रहे थे। इसके लिए बाकायदा उन्होंने निगम से मकान के लिए नक्शा भी पास करवा रखा था। लेकिन दूसरे पक्ष ने जानबूझकर उन्हें प्रताड़ित करने के लिए उनके काम पर पहले कोर्ट से स्टे लगवा दी और कोर्ट में केस कर दिया था। दरअसल उनके घर के सामने सरकारी गली है जिसमें निगम ने सीवरेज, पानी की पाइप लाइन तक डलवा रखी है। लेकिन दूसरे पक्ष ने इस सरकारी गली पर ही अपना कब्जा करने के लिए वर्ष 2004 में इनमें से एक व्यक्ति ने अपने पौते के नाम पर करीब 123 गज जमीन की सेल डीड करवा दी। 2012 में इसकी रजिस्ट्री करवाई गई तो इसमें गली दिखा दी। लेकिन 2014 में तहसील से इसकी दोबारा रिवाइज रजिस्ट्री करवाई गई तो प्लॉट में से गली ही गायब कर दी। ऐसे में मिलीभगत करके सरकारी गली पर अपना प्लॉट दिखाकर सु¨पद्र देवी के नाम पर गलत रजिस्ट्री करवाई गई। ऐसे में छत्रपाल ने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी जिसके आधार पर तीन लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।

Posted By: Jagran