जागरण संवाददाता, अंबाला

छावनी के अंतरराज्यीय बस अड्डे पर हड़ताल के दौरान सुबह के समय खासा असर देखने को मिला। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया उसके साथ ही बसों की पहियों की रफ्तार भी रोजाना की तरह बढ़ती चली गई। इसके बाद दिन में यूनियनों की ओर से की गई हड़ताल का एक प्रतिशत भी असर नहीं दिखा। सुबह के समय दिल्ली, चंडीगढ़ व ग्रामीण रूटों पर चलने वाली बसों की कमी के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालात यह थे कि एक तरफ बसों की संख्या कम थी तो वहीं दूसरी तरफ तेज बारिश भी लोगों को बस स्टैंड में पहुंची बसों में चढ़ने तक का समय नहीं दिया। हालांकि इस दौरान देर रात करीब 2 बजे से बुधवार शाम तक बस स्टैंड पर डीएसपी बलजीत ¨सह की अगुवाई में पुलिस बल तैनात रहा ताकि लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।

छावनी बस स्टैंड में देर रात करीब दो बजे से ही पुलिस बल जुटना शुरू हो गया था। सुबह-सुबह होते बसों के चलने का समय हुआ तो बहुत कम बसें ही बस अड्डे से बाहर निकली। वहीं 30 से अधिक बसें अंदर ही खड़ी रही। चंडीगढ़ और दिल्ली जाने वाली बसों की संख्या काफी कम थी। यात्रियों को इन दोनों साइडों में जाने के लिए खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं ग्रामीण रूट पर प्राइवेट बसें तो चली लेकिन रोडवेज की एक भी बस नहीं चली। जीएमएन कॉलेज में जाने के लिए बस अड्डे में पहुंचे छात्र गुरप्रीत सैनी, यात्री रामलाल व हरपाल ¨सह ने बताया कि वह आज रोडवेज बस नहीं मिलने के कारण प्राइवेट बसों में यहां तक बामुश्किल पहुंचे है। रोडवेज कर्मचारी अग्निवेश, चालक ओमप्रकाश व मिल्खा ¨सह ने बताया कि किलोमीटर स्कीम के तहत परिवहन विभाग में 720 बसों का कांट्रेक्ट पर चलाने और पूर्व में हुए समझौते को लागू नहीं होने से रोडवेज कर्मचारियों में रोष है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश और सरकार द्वारा एस्मा लगाने के कारण मजबूरी में उन्हें बसें चलानी पड़ रही है, लेकिन सरकार को अपने किये समझौते को लागू करना चाहिए।

Posted By: Jagran