जागरण संवाददाता, अंबाला : कोरोना काल में बेशक ऑक्सीजन की कमी को लेकर सरकार और प्रशासन युद्धस्तर पर काम कर रहा है। लेकिन हम सभी को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। मरीजों के लिए बेशक यह मेडिकल इमरजेंसी के समान ही है, लेकिन पर्यावरण को साफ रखना भी हमारा ही दायित्व है। कुछ ऐसा ही कर रहे हैं प्रो. सुरेश देसवाल, जो अपने घर को पौधों से गुलजार कर चुके हैं। घर में शुद्ध ऑक्सीजन मिलती रहे, इसके लिए घर में ही जहां कुछ पौधे लगा रखे हैं, वहीं कमरों में भी कुछ पौधे लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रो. सुरेश देसवाल बीते कई सालों से पर्यावरण संरक्षण का काम क रहे हैं और हजारों पौधे रोपित कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पौधारोपण की शुरुआत अपने घर से ही की थी। धीरे-धीरे गमलों की संख्या को भी बढ़ाया। उस दौरान घर के वातावरण और आज के समय में काफी अंतर है। वातावरण शुद्ध हो चुका है, जबकि इसका फायदा भी मिल रहा है। पौधे लगाने के कारण ठंडक तो महसूस होती है साथ ही शुद्ध आक्सीजन भी मिलती है। घर में कई तरह के पौधे लगाए हैं, जो वातावरण तो साफ रखते हैं, जबकि कमरे की शोभा भी बढ़ाते हैं। महज कुछ समय सुबह और शाम यदि निकालकर हर कोई अपने घर में पौधे लगा ले, तो काफी राहत मिलती है। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग अपने घरों में एरिका पाम, स्नेक प्लांट, एलोवेरा, बैंबू प्लांट, रबर ट्री, मनीप्लांट जैसे पौधे लगाएं, जो ऑक्सीजन तो देते हैं, साथ ही सजावटी भी हैं। इनके कई फायदे भी हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों कोविड गाइडलाइन की पालना करें और अधिक से अधिक पौधे अपने घरों में लगाएं।