जागरण संवाददाता, अंबाला शहर: हैदराबाद के एक कपड़ा कारोबारी का नाबालिग बेटा अंबाला में मिला। नाबालिग तेलगू और अंग्रेजी ही जानता था। इस कारण थोड़ी मुश्किल हुई। लेकिन पुलिस ने 24 घंटे में पड़ताल निकाल ली। इसके बाद स्वजनों को सूचित कर दिया।

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर दो दिन पहले 23 जुलाई को 15 वर्षीय नाबालिग लापता हालत में मिला था। एंटी ह्यूमन ट्रैकिग यूनिट स्टेट क्राइम ब्रांच (एएचटीयू)अंबाला और चाइल्ड हेल्प लाइन रेलवे ने नाबालिग से पूछताछ की। लेकिन वह घर का पता बताने में असमर्थ था। वह काफी सहमा हुआ था। नाबालिग को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया गया। जहां से ओपन शेल्टर होम भेजा गया। एंटी ह्यूमन ट्रैकिग यूनिट स्टेट क्राइम ब्रांच अंबाला के इंचार्ज राजेंद्र कुमार, एचसी सिदरपाल, एससी गुरजंट, ओपन शेल्टर होम की मधु कौशिक की मेहनत से नाबालिग के परिवार की तलाश की। वह बिना बताए घर से लापता हो गया था। लापता होने पर काशी बनारस उत्तर प्रदेश चला गया था। कुछ दिन वहां रहने के बाद ट्रेन से अमृतसर चला गया था। खाना न मिलने के कारण खाने की तलाश में गुरुद्वारा साहिब स्वर्ण मंदिर में रहा। दो-तीन दिन बाद अंबाला छावनी पहुंच गया था। नाबालिग की पहचान हैदराबाद के मुशीराबाद थाना भोलकपुर निवासी 15 वर्षीय शीता श्रीकर के रूप में हुई और 11 जुलाई को लापता हो गया था। नाबालिग के स्वजनों को बुलाया गया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा और सदस्य रेखा शर्मा के सामने उन्हें पेश किया गया। इसके बाद स्वजनों को उनका बेटा सौंप दिया गया।

Edited By: Jagran