जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : बरसात से फसलों के नुकसान के मुआवजे के लिए आवेदन करने का समय पूरा हो गया है। किसान कृषि विभाग में 72 घंटे के अंतराल में आवेदन कर सकते थे। फसलों का बीमा करवाए हुए करीबन 21 सौ किसानों ने नुकसान का दावा किया है। किसानों ने आवेदन फार्म कृषि विभाग के माध्यम से इंश्योरेंस कंपनी के सुपुर्द कर दिए हैं। इसके अलावा बिना बीमा करवाने वाले कुछ किसानों ने भी अपनी शिकायत दर्ज करवायी है। विभाग ने भी सर्वे करवाने की तैयारी शुरू कर दी है।

बता दें कि विगत दिनों पहले जिला में कई दिन तक बरसात हुई। किसानों के खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है जो कुछ दिनों बाद पक जाएगी। लेकिन बरसात और हवा ने गेहूं की फसल को जमीन पर बिछा दिया। फसल गिरने से उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। फसल की कटाई कंबाइन से नहीं हो पाएगी और लेबर से कटाई के लिए किसानों को काफी खर्च करना पड़ेगा। मौसम की मार से जहां नुकसान हुआ, वहीं खर्चा भी बढ़ गया। 23 हजार किसानों ने करवाया हुआ है बीमा

जिले में करीबन 82 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगाई जाती है। लेकिन इनमें से बीमा सिर्फ 23 हजार 152 किसानों ने ही करवाया हुआ है। अब गेहूं की फसल पर मौसम की मार पड़ गई। जिले से करीबन 2100 किसानों ने फसल खराब होने का दावा किया है। विभाग ने फार्म जमा करवा लिए हैं। कृषि विभाग ने एसबीआइ जनरल इंश्योरेंस कंपनी को जल्द सर्वे कर किसानों को भुगतान करने के निर्देश दे दिए हैं।

-जितने फार्म प्राप्त हुए हैं, उनका बीमा कंपनी से सर्वे करवाया जाएगा। जो बीमा बनेगा किसानों को उसका भुगतान करवाया जाएगा।

-गिरीश नागपाल, डीडीए, कृषि विभाग। -चार-पांच किसानों ने शिकायत दी है जिनकी फसल का बीमा नहीं है। किसानों ने सर्वे की मांग की है। बिना बीमा 25 प्रतिशत से कम नुकसान होने पर मुआवजा का प्रावधान नहीं है। इससे अधिक नुकसान पर ही मुआवजा दिया जाता है।

कैप्टन विनोद शर्मा, डीआरओ

Posted By: Jagran

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