फोटो नंबर- 18 -वाहन चोरी के डर से परिसर में शेड के नीचे कर्मचारी लगा रहे वाहन

बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के बीच से लोगों को निकलने में होती परेशानी जागरण संवाददाता, अंबाला: वाहन चोरी होने का डर कहें या फिर कर्मचारियों में पद का रौब। जहां आम जनता को वाहन ले जाने की मनाही है यह कर्मचारी बिना किसी रोकटोक के अपने वाहनों को यहां-वहां खड़ा करते हैं।

ऐसा ही नजारा इन दिनों छावनी के एसडीएम कार्यालय के अंदर देखने को मिला रहे। यहां कर्मचारियों ने जनता की सहुलियत के लिए बने शेड को पार्किंग का अड्डा बना दिया। तहसील कार्यालय के कर्मचारी हो या फिर अंत्योदय सरल केंद्र के, सभी रोजाना आते ही शेड के नीचे छांव में वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर चले जाते है। छुट्टी होने तक यह वाहन ज्यों के त्यों खड़े रहते हैं। इस स्थिति में शैड से नीचे से गुजरने तक में जनता को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। मगर इन वाहनों को एसडीएम से लेकर तहसीलदार तक अनदेखा कर रहे। कर्मचारी भी इन अनदेखी के कारण वाहनों को शेड के नीचे खड़े कर अपना रौब बरकरार रखे हुए है।

बता दें कि विगत दिवस ही तहसील व ई-दिशा केंद्र के बाहर जनता को खड़े की परेशानी को देखते हुए शैड लगाया गया था। शेड लगा, बेंच लगाना भूले

जनता की सहुलियत को देखते हुए एसडीएम कार्यालय के अंदर शेड के नीचे बेंच लगाना विभाग भूल गया। तहसील व ई-दिशा केंद्र दोनों में कई बार भीड़ काफी बढ़ जाती है शैड के नीचे लोग खड़े हो जाते हैं। मगर उन्हें बैठने के लिए बेंच नहीं मिलते। मजबूरन बाइकों पर ही अपने दस्तावेज रखकर या फिर बैठकर अपनी भारी का इंतजार करते दिखाई देते हैं। नहीं मिला पार्किंग का ठेकेदार

एसडीएम कार्यालय के वाहन खड़े करने के लिए काफी जगह है। अभी तक विभाग पार्किंग को ठेके पर ही नहीं दे सका। पहले तो पार्किंग ठेकेदार था वो भी करीब छह माह पहले ठेका छोड़कर चला गया। इन हालात के बीच कर्मचारी ही नहीं आम जनता भी बिना किसी सुरक्षा के वाहन खड़े में कतराती है। मजबूरी में कर्मचारी तो कार्यालय के अंदर व शेड के नीचे वाहन खड़े कर गुजारा कर रहे, मगर जनता को कार्यालय के बाहर वाहन खड़े करने के अलावा कोई चारा नहीं होता। शेड के नीचे कर्मचारी वाहन खड़े करने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जनता की सहुलियत के लिए शेड लगाया है। फिर भी कर्मचारी वाहन खड़े कर रहे हैं तो हटवाया जाएगा। यदि कोई नहीं मानता तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राजेश पुनिया, तहसीलदार, अंबाला छावनी।

Posted By: Jagran