हरियाणा में महिला से यौन उत्पीड़न मामले में घिरे अधिकारी पर गिरी गाज, अनिल विज के पत्र के बाद किया सस्पेंड
श्रम मंत्री अनिल विज की चिट्ठी के बाद यौन उत्पीड़न के आरोप में घिरे श्रम विभाग के अधिकारी को निलंबित ...और पढ़ें
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हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज। फाइल फोटो
HighLights
श्रम मंत्री अनिल विज की चिट्ठी के बाद अधिकारी निलंबित।
यौन उत्पीड़न मामले में जांच कमेटी ने अधिकारी को दोषी ठहराया।
मुख्य सचिव के हस्तक्षेप से हुई यह बड़ी कार्रवाई।
दीपक बहल, अंबाला। महिला के यौन उत्पीड़न की शिकायत में जांच कमेटी की रिपोर्ट से लेकर दोबारा फरीदाबाद में तैनाती तक सवालों में घिरे श्रम विभाग के अधिकारी पर आखिरकार गाज गिर गई। श्रम मंत्री अनिल विज की चिट्ठी के बाद मुख्य सचिव के दखल से संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने आठ मई 2026 को अपनी रिपोर्ट पूरी करते हुए संबंधित वेलफेयर अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया था।
महिला ने वर्ष 2025 में श्रम विभाग के अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। मामला महिला आयोग, श्रम मंत्री और राज्य सरकार तक पहुंचा। हिसार की डिप्टी लेबर कमिश्नर सहित पांच अधिकारियों की कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और जांच रिपोर्ट में संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। जांच के दौरान 17 नवंबर 2025 को अधिकारी को फरीदाबाद से मुख्यालय भेजा गया।
18 फरवरी 2026 को उसे अस्थायी तौर पर पानीपत में तैनात कर दिया गया। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि सक्षम स्तर से निर्णय होने तक यह व्यवस्था रहेगी। 22 जुलाई को तैनाती को लेकर दो अलग-अलग आदेश जारी हुए।
इन पर वेलफेयर कमिश्नर के बजाय श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन के हस्ताक्षर थे। 30 जुलाई को एक और आदेश जारी कर अधिकारी को फिर फरीदाबाद में तैनात कर दिया गया। आदेश में अधिकारी से आश्वासन लिया गया कि जांच लंबित रहने के दौरान वह किसी रिकार्ड से छेड़छाड़ नहीं करेगा।
विज ने जांच करने के दिए थे आदेश
शिकायतकर्ता महिला ने श्रम मंत्री अनिल विज के समक्ष मामला उठाया था। विज ने 13 अगस्त 2026 को एफआइआर दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए थे। महिला का आरोप था कि इन आदेशों के बावजूद न तो एफआइआर दर्ज हुई और न ही विभागीय स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ी।
इसी बीच संबंधित अधिकारी को दोबारा फरीदाबाद में तैनाती मिल गई। महिला ने फिर विज के समक्ष शिकायत रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विज ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
अब तबादले के अधिकार की भी होगी पड़ताल
हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रोहताश जांगड़ा ने पहले दैनिक जागरण से बातचीत में कहा था कि विभाग में स्टाफ की कमी है और किसी अधिकारी को खाली बैठाकर वेतन नहीं दिया जा सकता। इसलिए अधिकारी को काम कराने के लिए तैनात किया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि आरोपों पर सक्षम स्तर से फैसला आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
