संवाद सहयोगी, शहजादपुर : गन्ने का बकाया भुगतान न होने से खफा किसानों ने भाकियू चढूनी ग्रुप के बैनर तले नारायणगढ़ में आयोजित रैली का जमकर विरोध किया। यहां तक की किसानों ने भावांतर भरपाई रैली में पहुंचने वालों को काले झंडे तक दिखाए गए। इसके बाद रोषित किसानों ने मुख्यमंत्री समेत राज्यमंत्री का पुतला तक फूंका। किसानों की सीएम को भी काले झंडे दिखाए जाने की रणनीति थी, लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल का गाड़ी से पहुंचने का प्लान बदल गया और वह हेलीकॉप्टर से ही रैली स्थल पर पहुंचे।

बता दें कि गन्ना का बकाया लेने के लिए बनोंदी मिल के आगे किसान पिछले तीन दिन से धरने पर बैठे हैं, मिल के पास काफी समय से किसानों का करीब 60 करोड़ रुपये बकाया है। इस सिलसिले में किसान पहले भी धरना दे चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा। रोषित किसानों ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि 6 सितंबर को मुख्यमंत्री को नारायणगढ़ पहुंचने पर काले झंडे दिखाए जाएंगे।

रैली में मुख्यमंत्री द्वारा गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर कुछ बोलने से खफा किसानों ने राज्यमंत्री नायब सैनी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला फूंका और मुर्दाबाद के नारे लगाकर अपनी भड़ास निकाली। भाकियू चढूनी ग्रुप के स्टेट एडवाइजर बलदेव ¨सह ने कहा कि चीनी मिल के पास किसानों के गन्ने का करीब 60 करोड़ रुपये बकाया है। जिसका मिल भुगतान नहीं कर रही है, इससे किसान आर्थिक तंगी झेल रहे हैं, किसानों को ब्याज पर पैसा लेकर काम चलाना पड़ रहा है। बलदेव ¨सह ने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुना करने के दावे कर रही दूसरी और किसानों को अपने गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर सड़कों पर उतरना पड़ रहा। बलदेव ¨सह ने बताया कि रैली के बाद कृषि मंत्री ओपी धनखड़ का फोन आया था कि चंडीगढ़ आकर मिले। अब किसानों के साथ विचार विमर्श आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।

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Posted By: Jagran