छावनी की सब्जी मंडी रोड पर दो पेड़ काटने पहुंची थी नगर निगम और वन विभाग की टीम जागरण संवाददाता, अंबाला : सब्जी मंडी रोड के किनारे एक बेरी तो दूसरा छायादार पेड़ लगा है, जिन्हें कुछ रसूखदार दुकानदारों ने अपनी पहुंच के चलते कटवाने की कोशिश की। शुक्रवार को यह तीसरा मौका है जब पेड़ को रेहड़ी वालों ने काटने नहीं दिया और जमकर विरोध किया। होमगार्ड के जवानों को विरोध कर रहे लोगों को पीछे हटाने के लिए न सिर्फ धक्के मारने पड़े, बल्कि एसएचओ सदर को बुलाना पड़ा। मौके पर नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर सुधीर जायसवाल भी पहुंचे और जब पेड़ कटवाने पहुंचे वन विभाग के एसडीओ और नगर निगम के एसडीओ से पेड़ काटने के आदेश मांगे गए तो दोनों विभागों के पास कोई आदेश नहीं थे। दोनों विभागों ने एक-दूसरे पर ही पेड़ काटने की जिम्मेदारी डाली हुई थी। वन विभाग ने पेड़ काटने की कोई अनुमति नहीं दी हुई थी, बल्कि वन अधिकारी ने अपने पत्र में कहा है कि यह पेड़ वन विभाग का नहीं है। इसीलिए नगर निगम इस मामले में कार्रवाई कर सकता है। दूसरे पत्र में शिकायतकर्ता कमल गुप्ता ने खुद पेड़ की टहनियां कटवाने की मांग की है, जिससे कि हाई वोल्टेज तार से आगजनी न हो। जब इस बात का पता मौजूद रेहड़ीवालों को लगा तो वे भड़क गए। उन्होंने वन विभाग अधिकारियों से कहा कि वह सिर्फ पेड़ की टहनियां काट सकते हैं। यदि पेड़ काटा तो उसे सहन नहीं किया जाएगा। रेहड़ी लगाने वाले दुकानदारों ने कहा कि कुछ दुकानदार सत्ता पार्टी से जुड़े हैं जिनके इशारों पर निगम अधिकारी बिना आदेशों पेड़ काटने के लिए पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे। होमगार्ड के जवानों की सहायता से पहले घेराबंदी की गई लेकिन लोगों के तेवर देखकर एसएचओ थाना सदर को फोन किया गया। पुलिस ने पत्र पढ़कर पेड़ की टहनियां कटवाने की बात कहीं और मामला शांत हो गया। बाद में निगम की टीम ने सभी टहनियां काट दी।

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