सुनील बराड़, अंबाला

डिफेंस लैंड पर कूड़ा गिरा रहे कैंटोनमेंट बोर्ड पर सेना ने रोक लगा दी और रोक लगाने का तर्क कोर्ट के फैसला को दिया है। इसी आधार पर कोई ट्रक या ट्रॉली अंदर न जा सके इसीलिए रास्ते में जेसीबी मशीन के साथ मिट्टी के ढेर लगा दिए गए। सेना की एक इंजीनियर रेजिमेंट की ओर से यह कार्रवाई की है। इसीलिए बोर्ड क्षेत्र में 60 हजार की आबादी से बुधवार को दिनभर गंदगी नहीं उठ पाई है जिससे बोर्ड के सीईओ समेत अन्य अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है और सेना के टू कोर हेडक्वार्टर के बिग्रेडियर से इस मामले को लेकर बुधवार सुबह बातचीत भी की है लेकिन शाम तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।

बता दें कि कैंटोनमेंट बोर्ड ने सेना और सिविलियंस क्षेत्र की गंदगी को गिराने के लिए तोपखाना बाजार से पंजोखरा साहिब जा रही रोड पर टूंडला के नजदीक ड¨म्पग ग्राउंड बनाया गया है। जहां पर सेना के साथ-साथ सिविलियंस क्षेत्र की पूरी गंदगी को ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रालियों से गिराया जा रहा था। यह जमीन डिफेंस लैंड हैं कि इसीलिए सेना की जमीन पर बनाए गए इस ड¨म्पग ग्राउंड से टूंडला के लोग नाखूश थे। बताया जा रहा है कि यह मामला कोर्ट में भी पहुंच गया था। इसीलिए सेना की एक इंजीनियर रेजिमेंट ने कोर्ट के फैसले के मुताबिक कार्रवाई को अंजाम दिया है और मंगलवार शाम को सेना के जवानों ने गंदगी उठाकर ड¨म्पग ग्राउंड में लेकर जाने वाले गाड़ियों को रोक दिया। इस मामले की सूचना बोर्ड के अधिकारियों के पास पहुंची तो सीईओ के साथ-साथ सफाई ब्रांच हरकत में आ गई। ऐसे में यदि बारिश के इस मौसम में कूड़ा नहीं उठता तो बीमारियां पैदा हो से लोगों की परेशानियां बढ़ जाएंगी।

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चार जोन में उठाती है 6 गाड़ियां कूड़ा

बोर्ड ने सेना और सिविलियन क्षेत्र की साफ सफाई के लिए चार जोन में बांटा हुआ है और बोर्ड की 6 गाड़ियां रोजाना करीब 15 टन कूड़ा उठाती हैं। इन जोन से दिनभर कूड़ा उठाकर टुंडला के पास ड¨म्पग ग्राउंड में गिरा रही थी। दिनभर 10 से 15 गाड़ियां कूड़े की बोर्ड की ओर से उठाई जा रही है लेकिन मंगलवार शाम से गाड़ियां पर रोक लगी हुई है और कूड़ा न उठने से लोगों के साथ-साथ सेना क्वार्टर में रहने वाले सेना परिवारों की मुसीबत बढ़ सकती है।

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टुंडला के लोग जता चुके हैं विरोध

टुंडला के लोग भी इस ड¨म्पग ग्राउंड से बेहद दुखी है। बारिश होने से सड़ांध पैदा हो जाती है और हवा के साथ पूरे टुंडला में फैल जाती है। इसीलिए स्थानीय निवासी इस ड¨म्पग ग्राउंड को किसी दूसरे जगह पर बनाने की मांग बोर्ड अधिकारियों से कर चुके हैं। इतना ही ऐतिहासिक पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा में जाने का भी यह रोड है इसीलिए भी रोड से गुजरने वाले वाले राहगीरों को सड़ांध से गुजरना मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि कूड़े में कई बार आग भी लगा दी जाती है जिससे प्रदूषण होता है।

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फोटो 28

कोट्स

- मैं आउट आफ स्टेशन हूं, मेरे संज्ञान में सफाई ब्रांच ने मामला डाला है। इसकी कोई पूर्व सूचना सेना की ओर से कैंटोनमेंट बोर्ड को नहीं दी है और गंदगी एकदम से रोके जाने के मामले में बृहस्पतिवार को सेना अधिकारियों से बातचीत की जाएगी तभी पता चलेगा कि गंदगी गिराने से रोकने की वजह क्या है।

- वरुण कालिया, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला छावनी।

Posted By: Jagran