जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

5 करोड़ के चावल घोटाले का विवाद एसपी कार्यालय से अब कोर्ट में पहुंच गया है। इसी कारण अब पुलिस ने भी इस मामले में अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं क्योंकि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में 10 सितंबर को अंबाला की निचली अदालत में सुनवाई होगी। इसी के बाद तय हो सकेगा कि इस चावल घोटाले में एफआइआर दर्ज होगी या नहीं। यह चावल घोटाला वर्ष 2017-18 का है। मई 2018 तक राइस मील संचालक पर 4.47 करोड़ रुपये की देनदारी थी जोकि उसने अभी तक चुकता नहीं की। इसीलिए ब्याज लगाकर वह तकरीबन अब 5 करोड़ रुपये बनेगी। इस मामले में हैफेड के डीएम वेदपाल मलिक ने 5 जून 2018 को एसपी अंबाला को शिकायत देकर राइस मील संचालक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की सिफारिश की थी।

दरअसल वर्ष 2017-18 में खरीद एजेंसी हैफेड ने करीब 59 हजार ¨क्वटल धान अंबाला शहर सुल्लर रोड स्थित एक मील संचालक को टैंडर के अनुसार दिए। नियमानुसार मील संचालक को यह 39 हजार 814 क्विंटल चावल हैफेड का इसमें से लौटाना था। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी मील संचालक ने 25 हजार 604 क्विंटल चावल ही वापस लौटाए। इस तरह करीब 14 हजार 209 ¨क्वटल चावल मील संचालक हजम कर गया। जिनका मूल्य वेट, ब्याज और सरकार द्वारा तय रेट के हिसाब से 4.47 करोड़ रुपये मई 2018 तक बनते था।

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मुझे पता चला है कि मामला अब कोर्ट में चला गया है। कोर्ट में राइस मील संचालक ने एफआइआर दर्ज न कराने के लिए याचिका लगाई गई। इस पर 10 सितंबर को सुनवाई होनी है। उसकी के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

वेदपाल मलिक, डीएम हैफेड, अंबाला।

Posted By: Jagran