राजीव ऋषि, अंबाला शहर

शहर जंडली रेलवे फाटक के पास 2.50 किलोग्राम अफीम सहित पकड़े गए झारखंड के जिला चतरां निवासी युगल कुमार का तरीका-ए-वारदात चौका देने वाला रहा। 90 हजार रुपये प्रतिकिलो लाई अफीम में हार्लिक्स, बोर्नवीटा और पाउडर मिलाकर वह उसे डबल कर एक किलो में डेढ़ लाख रुपये कमाता था। मिलावटी नशे को उसने फोन पर संपर्क करने वाले तस्करों और नशे के आदि लोगों को बेचा। दिन में बच्चों के खिलौनों की फेरी लगाने वाले इस तस्कर ने जंडली में किराएदार बनकर नशे का नेटवर्क बढ़ाया। उसने पंजाब के हिम्मत ¨सह को डेढ़ किलो नशा बेचा था। सीआइए-वन के पास चार दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपित की निशानदेही पर उसके गांव के मेन सप्लायर की तलाश जारी है। बलदेवनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट का यह केस दर्ज है।

इस मामले में थी युगल की तलाश

18 मई की रात पुलिस ने शहर घासमंडी में स्थित खंडहरनुमा घर की तलाशी ली थी। कोने में रखे पोलिथिन से डेढ़ किलोग्राम अफीम मिली थी। सीआइए-वन ने बाद में पंजाब के हिम्मत ¨सह को गिरफ्तार किया था। हिम्मत ने माना था कि नशे का यह सामान उसने युगल से खरीदा था। तब से पुलिस को युगल की तलाश थी जो बीते शनिवार को पकड़ा गया।

रेलगाड़ी से करता था सफर

युगल झारखंड से नशे की तस्करी के लिए रेलगाड़ी में मजदूर की वेशभूषा में सफर करता था। वह अपने कंधे पर टांगे थैले में नशा रखता था। उसे लगता था कि ज्यादा सामान न होने के कारण कोई उसपर शक नहीं करेगा। छावनी उतरने के बाद वह पैदल या किसी ऑटो में बैठकर शहर आता था।

खरीदार भी नहीं पकड़ पाए मिलावट खोरी

आरोपित की मिलावटखोरी नशे के खरीदार और आदि लोग भी नहीं पकड़ पाए। बोर्नवीटा, हार्लिक्स और अन्य पाऊडर मिक्स कर वह अफीम की मात्रा बढ़ा देता था। इसका कारण यह रहा कि वह किलो के हिसाब से नहीं बल्कि टुकड़ों में नशा बेचता था। फोन पर डिलीवरी देता था। खिलौने का काम होने के कारण कालोनी में किसी को जरा सा भी शक नहीं हुआ कि वह अफीम तस्करी कर रहा है।

मिलावटी अफीम बेच करता था भारी मुनाफाखोरी

जांच अधिकारी दया किशन ने कहा युगल रिमांड में अन्य नशा तस्करों की धरपकड़ के अलावा मेन सप्लायर को भी काबू कर लिया जाएगा।

Posted By: Jagran