जागरण संवाददाता, अंबाला : शिक्षा नियमावली 134 ए अलॉटमेंट की ऑनलाइन प्रक्रिया से गुस्साएं अभिभावकों ने शुक्रवार बीईओ कार्यालय छावनी में जमकर हंगामा किया। अभिभावकों को जब कर्मचारियों से स्कूल अलॉटमेंट के बारे में पूछने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कार्यालय के बाहर जमा हो गए। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए बीईओ कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर रस्सियां बांध दी और वहीं धरने पर बैठ गई।

करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद इलाका पुलिस ने अभिभावकों को कार्यालय के अंदर जाकर पूछताछ करने की बात बोलकर गेट खुलवाया। धरने के कारण डीपीसी कार्यालय में समक्ष के तहत ब्लॉक टू के विभिन्न स्कूलों में होने वाली परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं लाने वाले शिक्षक भी बाहर ही खड़े रहे। अभिभावक जब अंदर पहुंचे तो कार्यालय में बीईओ नहीं मिले। दोपहर एक बजे तक परिसर में ही अभिभावक नारेबाजी करते रहे। उनका कहना था कि उन्हें 134 ए के तहत दाखिला लेने के लिए चक्कर काटते हुए दो माह हो चुके हैं। अभी तक स्कूल ही अलॉट नहीं हुए हैं। हर बार ऑनलाइन ही स्कूल अलॉटमेंट का मैसेज आने की बात बोलकर लौटा दिया जाता है। कार्यालय में बैठे कर्मचारियों व बीईओ का रवैया भी बिल्कुल ठीक नहीं है।

तीन घंटे तक चला हंगामा, बीईओ नहीं पहुंची कार्यालय

स्कूल अलॉटमेंट की सूचना के बाद अभिभावक सुबह 10 बजे ही कार्यालय मेंजमा हो गए थे। करीब तीन घंटे तक अभिभावकों के बीच तीखी बहस, गेट के बाहर धरना व परिसर में नारेबाजी चलती रही, लेकिन बीईओ मीना राठी सूचना मिलने के बाद भी कार्यालय में नहीं आई। गेट के बाहर धरने पर बैठे अभिभावकों को शांत करवाते समय कार्यकारी एसएचओ ने बीईओ को फोन पर सूचना भी दी। बीईओ ने उन्हें स्कूलों का दौरा करने की बात बोलते हुए थोड़ी देर में आने की बात कही।

माइंड ट्री स्कूल पहुंचे अभिभावक

उधर, शहर के माइंड ट्री स्कूल में दाखिला न मिलने से गुस्साए अभिभावक एक बार फिर स्कूल में पहुंच गए। यहां अभिभावकों ने काफी देर प्रतीक्षा की, लेकिन सभी अभिभावकों को दाखिले का आश्वासन देते हुए प्रबंधन ने सोमवार को बच्चों को स्कूल में भेज देने की बात कही। इतना ही नहीं स्कूल प्रबंधन ने किताबें न होने पर फोटोस्टेट कापी करवाने की बात भी अभिभावकों से कह दी। बता दें कि करीब 45 विद्यार्थियों को इस स्कूल में दाखिला दिया जाना है।

बार-बार चक्कर काटने को मजबूर

परीक्षा के बाद अभी तक 5 चक्कर काट चुके हैं। 68 प्रतिशत अंक आने पर भी बेटे को अभी तक स्कूल अलॉट नहीं हुआ है। जब भी आते हैं तो केवल ऑनलाइन की बात बोलकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। कम से कम कर्मचारियों को इतनी जानकारी तो होनी चाहिए कि अभिभावकों को क्या समय दिया जाए। उन्हें वो भी नहीं पता है।

राजकुमार, कर्णपुरी

100 अंक पर भी नहीं मिला दाखिला

134 ए की परीक्षा में बेटे जिनेश को 100 अंक लेने पर भी दाखिला नहीं मिला तो इससे बड़ी क्या बात होगी। 50 प्रतिशत अंक लेने वाले बच्चे स्कूलों में दाखिला ले चुके हैं। अभी तक उन्हें यह ही नहीं पता कि बेटे को स्कूल अलॉट होगा भी कि नहीं।

रवि, 12 क्रॉस रोड

85 अंक का नहीं हुआ फायदा

सुबह 9 बजे ही कार्यालय में स्कूल अलॉटमेंट के लिए पहुंच गए थे। यहां आकर पता चला कि कोई मैसेज ही नहीं है कि स्कूल अलॉट करने है कि नहीं। बेटे के 85 अंक हैं, फिर भी डेढ़ माह से उसकी पढ़ाई खराब हो रही है। दाखिला ना होने के कारण घर ही बैठा है। ऑनलाइन सिस्टम चल ही नहीं रहा तो मैनुअल अलॉटमेंट करनी चाहिए थी।

अमित, 12 क्रॉस रोड

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Posted By: Jagran

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