जागरण संवाददाता, अंबाला शहर: इस सीजन में अंबाला की सबसे ज्यादा बरसात शुक्रवार तड़के हुई। सुबह करीब आठ बजे तक रुक-रुक कर 49.2 एमएम बरसात दर्ज हुई। बरसात से जहां गर्मी से राहत मिली वहीं, किसानों के चेहरे भी खिल उठे। हालांकि प्रशासन के निकासी इंतजामों ने नौकरीपेशा से लेकर सुबह अपने काम धंधों पर जाने वालों की खूब परीक्षा ली। सेक्टरों, गली मोहल्लों, जीटी रोड की सर्विस लेन, रेलवे अंडरब्रिज पर बस पानी ही नजर आ रहा था। नाले ओवरफ्लो होकर बह रहे थे। सुबह लगभग आठ बजे तक बेशक बरसात रूक गई थी लेकिन सड़कें दिन भर डूबी रहीं। कहीं, निकासी नाले लबालब होकर ऊपर से बह रहे थे तो कहीं सीवरेज ठप हो गए थे। यहां साफ नजर आ रहा था कि पूरे मानसून सीजन में निगम की फौज ने कितना काम किया था। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 3 डिग्री की गिरावट के साथ 31.9 व चार डिग्री गिरावट के साथ 21.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

शहर में विशेषकर मॉडल टाउन, इंको रेलवे अंडर ब्रिज, सेक्टर-9 व 10, मानव चौक, टीबी अस्पताल रोड, मंजी साहिब गुरूद्वारा से पहले इंडस्ट्रियल एरिया के सामने, पालिका विहार, वीटा मिल्क प्लांट के साथ व होटल अमरपाली के सामने जीटी रोड की सर्विस लेन पानी में डूबे थी। जंडली और नाहन हाउस में बदइंतजामी साफ नजर आ रही थी। छावनी में भी यही हाल देखा गया। छावनी की हाउसिग बोर्ड कालोनी, बीडी फ्लोर के पीछे, कालीबाड़ी मंदिर चौक, दयाल बाग, कच्चा बाजार, रेलवे अंडर ब्रिज, रेलवे रोड, बीईओ कार्यालय के बाहर, बस अड्डा परिसर, रामकिशन कालोनी, बोह आदि इलाकों में नाले ओवरफ्लो होने से गलियों में पानी जमा रहा। बरसात बंद होने से बाद में यह पानी उतरता चला गया।

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हुडा सेक्टरों में फेल दिखी निकासी व्यवस्था

सेक्टरों में भी लोगों ने पानी निकासी की किल्लत झेली। बरसाती पानी निकालने के लिए बनाए टीपीएस पानी का दबाव नहीं झेल पा रहे थे। सेक्टर-9 व 10 में सड़कों के साथ दोपहर तक भी पानी का जमाव था। सेक्टर-9 से इंको चौक तक जाने के लिए बनाए रेलवे अंडर ब्रिज, निर्माणाधीन बस अड्डा, कपड़ा मार्केट, लक्ष्मी नगर की मुख्य सड़क व जंडली में पानी था।

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किसानों को बरसात से जागी रोपाई की उम्मीद

इस सीजन की यह तीसरी बरसात थी। इससे पहले हुई दो बरसात में लगभग 61 एमएम बरसात दर्ज की गई थी जबकि इस बार 49.2 एमएम बरसात हुई। झमाझम बरसात ने उन किसानों में रोपाई की उम्मीद जगा दी जो अब तक इंतजार कर रहे थे। जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर में इस बार धान की रोपाई का अनुमान है।

Posted By: Jagran

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