ट्रेन से लापता हुए सैनिक की दर्ज हुई FIR, 19 साल से भटक रही थी पत्नी; सेना ने घोषित कर दिया था भगोड़ा
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन के पास 19 साल पहले लापता हुए सैनिक की पत्नी एफआईआर दर्ज कराने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रही हैं।
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ट्रेन से लापता हुआ सैनिक, एफआईआर के इंतजार में बीत गए 19 साल। फाइल फोटो
HighLights
सैनिक 2007 में अंबाला छावनी के पास ट्रेन से लापता हुआ।
पत्नी 19 साल से एफआईआर दर्ज कराने को संघर्षरत।
सेना ने लापता सैनिक को 'डिजर्ट' घोषित किया था।
जागरण संवाददाता, अंबाला। छावनी रेलवे स्टेशन के आसपास ट्रेन से 19 साल पहले लापता हुए सैनिक की पत्नी एफआईआर के लिए 19 साल से चक्कर काट रही हैं। तमिलनाडु के समुसिंगापुरम राजपालयम, विरुधुनगर की रहने वाली टी. सत्य नायकी ने सितंबर 2018 में एसपी विरुधुनगर को एक प्रार्थनापत्र सौंपा था। उनका कहना था कि उनके पति के. थंगापंडी सेना में लांस नायक के पद पर तैनात थे।
मई 2007 में वह 46 दिन की छुट्टी पर आए थे। छुट्टी पूरी होने के बाद वह अपनी यूनिट पंजाब लौट रहे थे। वह और उनका बेटा भी पति के साथ पंजाब जा रहे थे। जब 12 जुलाई 2007 की रात को ट्रेन अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन के आसपास पहुंची तो उनके पति लापता हो गए।
पंजाब पहुंचने पर उन्होंने इसकी सूचना यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर को दी, जिसके बाद आर्मी यूनिट ने उनके लापता होने की सूचना अन्य एजेंसियों को दी। लेकिन उस समय इस मामले में उनकी गुमशुदगी दर्ज नहीं हुई।
महिला का कहना है कि 12 साल तक उनका कोई पता नहीं चला तो उन्होंने 2018 में आर्मी अधिकारियों से पेंशन के लिए आवेदन किया। लेकिन, अधिकारियों ने सैनिक को कानूनी तौर पर मृत घोषित करने के लिए एफआईआर की कापी पेश करने के निर्देश दिए।
उन्होंने 2018 में एसपी विरुधुनगर को एक प्रार्थनापत्र सौंपा और कहा कि अंबाला काफी दूर है, तो उनके पति की गुमशुदगी की एफआईआर तमिलनाडु में ही दर्ज करने की मांग की।
लेकिन, पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में भी आठ साल से अधिक का समय लगा दिया। तमिलनाडु पुलिस ने 22 मार्च 2026 को जीरो एफआईआर दर्ज कर जीआरपी थाना अंबाला भेजी।
तमिलनाडु से जीरो एफआईआर पहुंचने में लगे सात माह
तमिलनाडु पुलिस ने 22 मार्च 2026 को जीरो एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर को जीआरपी थाना अंबाला भेजा गया था। लेकिन, यह एफआईआर सात माह बाद डाक द्वारा 30 सितंबर को जीआरपी थाने पहुंची।
जांच अधिकारी एसआई कर्ण सिंह ने बताया कि एफआईआर तमिल भाषा में थी, जिसका अंग्रेजी में अनुवाद कर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। सैनिक की तलाश की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाएगी।
आर्मी ने घोषित कर दिया था डिजर्ट
सैनिक की पत्नी ने अपनी शिकायत में बताया कि पति के लापता होने के तुरंत बाद इसकी जानकारी कमांडिंग ऑफिसर को दे दी गई थी। इसके बावजूद भी छुट्टी खत्म होने के बाद उन्हें बिना छुट्टी के अनुपस्थित घोषित कर दिया। इसके बाद उनके पति के खिलाफ कोर्ट आफ इन्क्वायरी का आदेश हुआ, जिसमें उन्हें डिजर्ट (बिना अनुमति के ड्यूटी छोड़ने वाला) घोषित कर दिया।
