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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Farmers Protest: किसानों को हरियाणा में क्यों नहीं मिलेगी एंट्री? नायब सरकार ने बताया कारण, अनिल विज बोले- लेनी होगी अनुमति

Published: Fri, 06 Dec 2024 12:25 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने दिल्ली कूच कर रहे किसानों को राज्य में प्रवेश करने से रोक दिया है। अंबाला के शंभू ...और पढ़ें

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने किसान प्रदर्शन पर दी प्रतिक्रिया।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने किसान प्रदर्शन पर दी प्रतिक्रिया।

HighLights

  1. बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने सख्ती बढ़ाई।
  2. बॉर्डर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात।
  3. किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन की नहीं मिली अनुमति।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। अंबाला में शंभू और जींद में खनौरी बॉर्डर पर जमे किसानों को हरियाणा में एंट्री नहीं मिलेगी। शुक्रवार को दिल्ली कूच पर अड़े आंदोलनरत किसानों को दिल्ली में धरने- प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। इसे देखते हुए हरियाणा पुलिस ने दोनों बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।

गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने किसान नेताओं का आह्वान किया कि वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी के समक्ष अपनी बात रखें ताकि कोई समाधान निकल सके। कमेटी की रिपोर्ट पर ही आगे नीति बनेगी। किसानों को दिल्ली की ओर से धरने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली में किसानों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें आगे नहीं जाने दे सकते।

'क्या उन्होंने अनुमति ली है?'

किसान प्रदर्शन पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि क्या उन्होंने अनुमति ली है? उन्हें बिना अनुमति के दिल्ली जाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है? अगर उन्हें अनुमति मिलेगी, तो उन्हें अनुमति दी जाएगी। किसी कार्यक्रम के लिए अगर आपको वहां बैठना है तो आपको पहले अनुमति लेनी होगी।

अंबाला में धारा 163 लागू

किसानों के दिल्ली कूच को लेकर हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर धारा 163 (पहले धारा 144) के नोटिस चिपका दिए हैं। अंबाला के उपायुक्त द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि किसानों को दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति मिल पाएगी।

अंबाला में धारा 163 लागू होने के कारण पांच या इससे अधिक लोगों के इकट्ठे होने पर रोक रहेगी। अंबाला पुलिस ने शंभू बार्डर से करीब 500 मीटर की दूरी पर फिर से पक्की बैरिकेडिंग शुरू कर दी है।

नौ दिसंबर को PM मोदी का पानीपत में कार्यक्रम

किसान नेता दिल्ली में जंतर-मंतर या रामलीला मैदान पर धरना देना चाहते हैं। चूंकि वर्तमान में संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है, ऐसे में किसानों के प्रदर्शन से शांति व्यवस्था भंग होने और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते किसान संगठनों को दिल्ली पुलिस ने धरने-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।

नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पानीपत में कार्यक्रम है, जिसमें वह बीमा सखी योजना का शुभारंभ करेंगे। पैदल मार्च की जिद पर अड़े किसानों के आगे बढ़ने की स्थिति में इस कार्यक्रम में खलल पड़ने की आशंका है। ऐसे में, सरकार किसानों को आगे बढ़ने की छूट देकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

खुफिया एजेंसियों को स्थिति बिगड़ने का खतरा

खुफिया एजेंसियां भी आंदोलनरत किसानों को लेकर प्रतिकूल रिपोर्ट दे चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों को पैदल मार्च की अनुमति दी गई तो वे रास्ते में उग्र हो सकते हैं। हरियाणा में उन्हें रोकने पर वे जगह-जगह पक्का धरना भी लगा सकते हैं जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है।

उनके पैदल मार्च में हरियाणा के किसान भी शामिल हो गए तो स्थिति और बिगड़ जाएगी। इसलिए पंजाब के आंदोलनरत किसानों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

पंजाब की ओर से आने वाली सभी वाहनों पर नजर

खनौरी और शंभू बार्डर पर 24 घंटे नजर रखने के लिए पुलिस के जवानों की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई है। पंजाब की ओर से आने वाले हर वाहन की न केवल सघन चेकिंग की जा रही है, बल्कि ट्रैक्टर की एंट्री को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

अंबाला सहित जीटी रोड पर पड़ने वाले सभी जिलों और दिल्ली से लगते जिलों की पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

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