संवाद सहयोगी, नारायणगढ़:

शुगर मिल नारायणगढ़ से करीब 70 करोड़ रुपये की पेमेंट न मिलने, किसानों के नाम पर तीस करोड़ का फसली लोन लेने व एसडीएम नारायणगढ़ नीरज के खिलाफ भड़के किसानों ने मंगलवार को नेशनल हाइवे नंबर 72 अंबाला-देहरादून मार्ग दो घंटे तक जाम करके रखा। किसानों का कहना है कि लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है। किसानों ने नारायणगढ़ के एसडीएम नीरज की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए साफ कहा कि 21 सितंबर को एसडीएम के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मंगलवार को एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे किसान भड़के हुए हैं। उधर, जाम की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसान सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करते रहे। यह धरना प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हुआ। यह है मामला

शुगर मिल नारायणगढ़ की ओर किसानों की पिछले सत्र की करीब 70 करोड़ रुपये की पेमेंट बकाया है। यह लंबे समय से दी नहीं जा रही है। दूसरी ओर किसानों के नाम पर फसली ऋण भी शुगर मिल द्वारा लिया गया है। इस मामले में किसानों का शिष्टमंडल एसडीएम नारायणगढ़ नीरज से मिला था। एसडीएम शुगर मिल के सीईओ हैं और इस पर उनसे जवाब भी मांगा था। मंगलवार को किसान एसडीएम का इंतजार कर रहे थे, जो मौके पर नहीं पहुंचे। इस पर किसानों ने दोपहर एक बजे हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने एसडीएम और शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जाम से दोनों ओर जाम की स्थिति बन गई। किसानों का ऐलान - 21 को दो जगह होगा आंदोलन

किसानों ने इस दौरान कहा कि अब 21 सितंबर को दे जगहों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एक धरना जहां शुगर मिल नारायणगढ़ के बाहर होगा, वहीं दूसरा धरना एसडीएम कार्यालय नारायणगढ़ के बाहर होगा। धरने का सारा खर्चा शुगर मिल से लिया जाएगा। किसान अपनी बकाया पेमेंट लेकर रहेंगे। किसानों ने यह भी कहा कि यदि कोई बिजली वाला बिजली बिल न भरने की एवेज में गन्ना किसानों का कनेक्शन काटने आए तो उसे रोकें। राकेश टिकैत का भतीजा 21 को नारायणगढ़ में

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को लीड कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत का भतीजा गौरव टिकैत 21 सितंबर को नारायणगढ़ में होगा। उनके साथ युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद भी होंगे। किसानों के आंदोलन को गौरव टिकैत समर्थन देने आएंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि यह आंदोलन और भी बड़ा हो सकता है। फोटो नंबर :: 38

एसडीएम के पास किसानों से बात करने का समय नहीं है। अपने कार्यालय पर चार किसानों को बुला लेते हैं, लेकिन किसानों के बीच आकर बात नहीं सुनते। शुगर मिल की जिम्मेदारी एसडीएम की है। सोमवार को भी घंटों इंतजार कराया गया, जबकि मंगलवार को तो किसानों से बात करने ही नहीं आए। विक्रम सिंह, जिला अध्यक्ष, संयुक्त किसान मोर्चा फोटो नंबर :: 39

सुबह10 बजे से किसान शुगर मिल पर धरना देकर बैठे हैं। 70 करोड़ की पेमेंट बकाया है, जबकि किसानों को बहकाकर शुगर मिल तीस करोड़ का लोन भी ले चुकी है। किसानों के साथ मजाक किया जा रहा है। एसडीएम को मैसेज भी दिया, लेकिन वे नहीं आए।

बलदेव सिंह, मंडल प्रधान, संयुक्त किसान मोर्चा फोटो नंबर :: 40

शुगर मिल द्वारा किसानों के साथ फर्जीवाड़ा किया गया है। किसान सोमवार को इकठ्ठा हुए हैं, जबकि पता तो चले कि शुगर मिल का मालिक कौन है। इस मिल को क्या मिल प्रबंधन चला रहा है, डीसी अंबाला या फिर एसडीएम नारायणगढ़। किसानों को आज तक नहीं पता कि यह मिल किस की देखरेख में चल रही है।

प्रताप सिंह, किसान नेता फोटो नंबर :: 41

अभी 63 करोड़ बकाया हैं। अभी हमने पीटीसी ले रखा है और उसके द्वारा ही पेमेंट हो सकेगी। जो लोन की बात की जा रही है, उसमें लोक अदालत का अभी फैसला आना है। जो निर्णय आएगा उसे माना जाएगा। इस बारे किसानों को सब पता है। अभी जो मिल का मालिक वही है, जो पहले था। लेकिन अब इस मिल में कारपोरेशन सरकार की चल रही है।

- वीके सिंह, जीएम शुगर मिल नारायणगढ़।

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