जागरण संवाददाता, अंबाला: बिजली निगम की लापरवाही ने होरी मंडी निवासी उपभोक्ता सोनू को लाखों का देनदार बना दिया। छह माह पहले दो कमरों में रहने वाले सोनू के नाम 12 लाख 47 हजार 650 रुपये बिजली का बिल थमा दिया। हैरानी की बात यह है कि बिजली निगम ने अपनी गलती मानने के छह माह बाद भी उपभोक्ता के बिजली बिल को नहीं सुधारा।

बिजली कार्यालय में जूते घिसने के बावजूद सोनू को केवल झूठे आश्वासन के कुछ हासिल नहीं हो रहा। यह लापरवाही बिजली निगम के आलाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। आखिर कैसे सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले उपभोक्ता को वह लाखों रुपये का बिजली बिल थमा रहे हैं।

होरी मंडी निवासी सोनू ने बताया कि अपने परिवार के साथ वह दो कमरों के मकान में रहता है। सब्जी की रेहड़ी लगाकर ही गुजर बसर करता है। मकान में ना कोई एसी है और ना ही बड़ी इलेक्ट्रिक आइटम। कभी भी तीन हजार रुपये से ऊपर का बिल नहीं आया है। बिजली निगम ने गलत रीडिग के आधार पर उसके घर करीब 12 लाख का बिल भेज दिया। तभी से परिवार के सदस्य मानसिक रूप से परेशान चल रहे हैं।

उसने बताया कि उसकी शिकायत के आधार पर कर्मचारी घर पर आकर बिजली के मीटर का मुआयना कर चुके हैं। लेकिन महज दिखावे की कार्रवाई की गई। इस संबंध में संपर्क करने पर एक्सईएन प्रियंक जांगड़ा का कहना था कि बिजली बिल को दुरुस्त करवाया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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