संवाद सहयोगी, बराड़ा : नगरपालिका के साथ लगते गांव मौजगढ़ की जमीन पर कचरा प्रबंधन के लिए नपा बराड़ा की ओर से कचरा डाला जा रहा है, जिसकी वजह से गांव के लोग बीमार पड़ रहे हैं। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर नपा के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके गांव में बराड़ा शहर की गंदगी डाली जा रही है, जिससे मक्खी, मच्छरों की भरमार हो गई है। इससे गांव के कई लोग बीमार हो चुके हैं। लोगों को चर्म रोग, उल्टी दस्त आदि की शिकायत है। इस बारे में ग्रामीणों ने सीएचसी बराड़ा में सूचना दी तो डॉक्टरों की टीम ने गांव में पहुंच कर बीमारों का इलाज शुरू कर दिया। ग्रामीण लख¨वदर कुमार, करतार ¨सह, फकीर ¨सह, सुनील कुमार, अजय कुमार, प्यारी देवी, मनजीत कौर, बलबीर ¨सह, ताराचंद, सचिन कुमार, राज कुमार आदि का कहना है उनका गांव नपा बराड़ा के वार्ड नं 11 के अधीन आता है। गांव की लगभग दस एकड़ की पंचायती जमीन पर नगरपालिका बराड़ा कूड़ा डाल रही है, जिससे गंदगी व बदबू हो रही है। इस बारे में उन्होंने कई बार नपा बराड़ा को भी कहा लेकिन जवाब मिला कि चाहे सीएम के पास भी चले जाओ। कूड़ा नही हटेगा। जिस पर ग्रामीण भड़क उठे और नपा बराड़ा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

विकास कार्य में भेदभाव का आरोप

एक तरफ जहां ग्रामीण नपा के इस प्रकार के व्यवहार से खफा थे, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने नपा बराड़ा पर विकास कार्यो में भेदभाव का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि नपा बराड़ा की ओर से उनके गांव में विकास कार्यो में भेदभाव बरता जा रहा है। गांव में अभी तक भी कई गलियां ऐसी है जो कच्ची है तथा कई गलियों में अभी तक स्ट्रीट लाइटें भी नहीं लगी है।

Posted By: Jagran