जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : अग्निपथ योजना के विरोध में कांग्रेसियों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राम किशन गुज्जर की अध्यक्षता में शांतिपूर्ण सत्याग्रह का आयोजन किया गया। जो सुबह 10 से दोपहर डेढ़ बजे तक तेजी धूप में डटे रहे।

प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राम किशन गुज्जर ने कहा कि अग्निपथ योजना के माध्यम से देश की सेनाओं में भर्ती के लिए युवाओं की स्थिति स्पष्ट नहीं है। अग्निपथ योजना को सरकार अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाते हुए देश हित में इसे रद्द करते हुए निर्धारित नियमों के अनुसार ही भर्ती की जानी चाहिए। सैनिक सेवानिवृत हो गए उनमें से 2 या 3 फीसदी को ही नौकरी मिली तो अग्निवीर को कहा से नौकरी देंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष एडवोकेट रोहित जैन ने कहा कि केंद्र बेरोजगार युवाओं के दर्द या हताशा को नहीं समझती है। सत्ता में आने के लिए वन रैंक वन पेंशन का वादा करने वाली भाजपा अब नो रैंक नो पेंशन पर उतर आई है। इस दौरान मुलाना विधायक वरूण चौधरी बैंगलूर में ट्रेनिग के चलते नहीं आ सके, वहीं जसबीर मलौर विदेश में हैं। जबकि तरुण चुघ, बलविद्र सिंह पुनिया, कुलदीप सिंह गुल्लू, हरीश सासन, अमीषा चावला, एडवोकेट विजय धीमान, सुरजीत पंजोखरा, पार्षद मिथुन वर्मा, देवेंद्र बजाज, पवन अग्रवाल, दवेंद्र वर्मा, इशु गोयल, प्रदीप चौधरी आदि मौजूद थे। अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करे केंद्र सरकार : मुलाना

बराड़ा : पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री चौधरी फूलचंद मुलाना के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बराड़ा में भी धरना प्रदर्शन कर सत्याग्रह किया। उन्होंने कहा कि सेना भर्ती के लिए बनाई गई अग्निपथ योजना न तो देश हित में है न ही सेना एवं नौजवानों के हित में है। सरकार को इस पर पुन: विचार करे। मौके पर करण राणा, जीवन सहगल, जंगबीर राणा, चरणजीत सिंह कक्कड़, विक्की बग्गा, सन्नी गुजराल, सतीश शर्मा आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। सत्याग्रह कर कांग्रेसियों ने अग्निपथ को वापस लेने की मांग उठाई

जागरण संवाददाता, अंबाला :

सरकार की अग्निपथ योजना की घोषणा का विरोध करते हुए कांग्रेस ने छावनी में एसडीएम कार्यालय के बाहर सत्याग्रह शुरू किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस फैसले को युवा और सैनिक विरोधी करार दिया। कांग्रेसियों ने सरकार से मांग किया कि देश और युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल ही अग्निपथ योजना को वापस लिया जाए। सत्याग्रह के दौरान अशोक जैन, हीरा लाल यादव, सुधीर जयसवाल, वेणु अग्रवाल, परविदर सिंह परी आदि मौजूद रहे।

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