दीपक बहल, अंबाला

हरियाणा पुलिस में अनुसूचित जाति के पुलिस अधिकारियों की अनदेखी का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने प्रदेश की मुख्य सचिव से जवाब मांगा है कि जिला अनुसार पुलिस महकमे में कितने दलित अफसर पब्लिक डीलिग में तैनात हैं। करीब दो माह बाद भी चिट्ठी पर जवाब न देने पर आयोग ने सख्त रवैया अपनाया है। प्रदेश की मुख्य सचिव को 5 नवंबर के लिए दिल्ली तलब किया गया था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय भी इस मामले में तैनाती का ब्योरा खंगालने में जुट गया। हालांकि मुख्य सचिव ने विधानसभा चुनाव में अपनी व्यस्तता का हवाला दिया, जिस पर आयोग ने कुछ समय के लिए राहत दी है। इस बारे में आयोग ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामले की एक रिपोर्ट तैयार कर उनको भेजी जाए। इसमें बताया जाए कि किस स्तर पर दलित आइपीएस अफसर जिलों सहित पुलिस विभाग में अन्य कार्यालयों में तैनात हैं। इसी को लेकर अब पुलिस विभाग पूरा डाटा तैयार करने में जुटा है।

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यह है मामला

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मुख्य सचिव हरियाणा को 9 सितंबर 2019 को पत्र लिखा था। इस में जानकारी मांगी थी कि प्रदेश में ऐसे कितने आईपीएस अफसर हैं, जो एससी वर्ग से हैं और जिलों में कमान संभाल रहे हैं। इसके अलावा थाना चौकियों में तैनात एससी अफसरों व कर्मचारियों, जो पब्लिक डीलिग में हैं, की संख्या मांगी थी। आयोग का कहना है कि ऐसे आइपीएस अफसरों का पुलिस महकमे में प्रतिनिधित्व काफी कम है। कई जगहों पर तो आइपीएस अफसरों की तैनाती है ही नहीं है। जिलों में तैनात आइपीएस अफसरों की बात करें, तो एसपी, डीसीपी, आइजी, पुलिस कमिश्नर और एडीजीपी रैंक के अधिकारी तैनात हैं। आयोग का मानना है कि इस कैटेगिरी में भी अनुसूचित जाति के अधिकारियों की जितनी तैनाती होनी चाहिए, वह नहीं है। आयोग ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा कि पिछले साल भी इन आइपीएस अधिकारियों की अनदेखी की गई थी, जिस पर आयेाग ने अपनी आपत्ति जताई तो कुछ सुधार हुआ। लेकिन अब फिर से हालात उसी स्तर पर आ रहे हैं।

जवाब तैयार किया जा रहा है : मुख्य सचिव

प्रदेश के मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने बताया कि आयोग की ओर से इस संबंध में जवाब मांगा गया था, जो भेजा जा चुका है। इसका डाटा भी तैयार किया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने बुलाया था। उन्होंने व्यस्तता का हवाला दिया है।

Posted By: Jagran

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