जागरण संवाददाता, अंबाला : कोरोना महामारी का खतरा अभी टला नहीं है, बावजूद लोग सार्वजनिक स्थानों पर गाइडलाइन की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जुलाई और अगस्त में संक्रमित मरीजों की संख्या एक या दो रही और सितंबर का दूसरा सप्ताह आते-आते यह संख्या 14 को पार कर गई। संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिग से लेकर वैक्सीनेशन तेज करने की योजना पर काम शुरू किया है। इसके तहत सोमवार से लगातार तीन दिनों तक जिले भर में 300 वैक्सीनेशन केंद्र बनाकर रोजाना 30 हजार लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन लगाए जाने का लक्ष्य बनाया गया है।

सार्वजनिक स्थानों जैसे बस अड्डा, बाजार और चौक-चौराहों पर अब लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन करने से कतराते नजर आ रहे हैं। सामान्य बस अड्डे पर टिकट घर से लेकर बसों में चढ़ने वाले यात्रियों तक में लापरवाही दिख रही है। मास्क तो किसी के चेहरे पर दिखता ही नहीं। यहां तक कि शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि बसों और रोडवेज परिसर को सैनिटाइज किए हुए कई माह बीत गए। बसों में सीमित सवारियों के नियम का भी पालन नहीं हो रहा।

छावनी की होलसेल सब्जी मंडी में भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यही हाल अस्पतालों में है। टीकाकरण कराना हो या फिर पर्ची बनवाने के लिए खिड़की के बाहर लाइन में लगना हो, शारीरिक दूरी नहीं दिखती। चालान कटने भी बंद हो गए हैं।

------------------- कोरोना महामारी का खतरा अभी टला नहीं है। लोगों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे तब तक महामारी से जंग को नहीं जीत सकते। लोगों से अपील है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाएं और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करें।

डा. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन अंबाला

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