जागरण संवाददाता, अंबाला : सैन्य क्षेत्र में वेट कैंटीन चलाने वाले अशोक कुमार अग्रवाल ने 1261 सेना अधिकारियों, कर्मियों और सिविलियंस से करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। कैंट थाना पुलिस ने इस मामले में जहां छापेमारी कर आरोपित के घर से 25 लाख की रिकवरी की है , वहीं हाईकोर्ट से भी अशोक अग्रवाल के परिवार को झटका लगा है। पुलिस की दलील पर हाईकोर्ट ने परिवार की जमानत याचिका नामंजूर कर दी है।

रविवार को कैंट थाना प्रभारी सतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि अभी तक 269 लोगों के नाम सामने आ चुके हैं जिनसे 39 करोड़ रुपये वेंट कैंटीन संचालक एवं फाइनेंसर अशोक अग्रवाल ने ठगा है। आरोपित फाइनेंसर करोड़ों रुपये से अलग-अलग जगह पर प्रापर्टी खरीद ली थी और इसके बाद कैंटीन बंद कर दी थी। यह कैंटीन पहले उसके पिता राम स्वरूप चलाते थे। चूंकि कैंटीन 30 साल से चल रही थी। इसीलिए सेना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड कर्मियों को भी विश्वास हो गया था। इसीलिए सेना से रिटायर्ड अधिकारियों के साथ-साथ सिविलियंस में आरोपित की बताई स्कीम में अपनी जमापूंजी लगा दी थी। लेकिन 14 सितंबर 2015 में शिकायत के आधार पर जब कमांडेंट ने छापेमारी की तो कई अनियमितता पाई गई। इसीलिए कैंटीन को सील कर दिया गया। इसके बाद 16 अक्टूबर 2015 को आरोपित अपने परिवार के साथ फरार हो गया। इसके बाद 17 अक्टूबर को अशोक अग्रवाल के घर पर पहुंच गई। इस मामले की शिकायत कैंट थाना पुलिस की तोपखाना चौकी पुलिस को अर्जुन नगर निवासी गौतम पांडेय ने दी थी जिसके आधार पर पुलिस मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन मामला हाईकोर्ट में पहुंच चुका है तो हाईकोर्ट ने पुलिस ने उन सभी लोगों की सूची मांगी है जिनका पैसा अशोक अग्रवाल ने गबन किया है। पुलिस के पास अभी 269 लोगों के सूची है और करीब 1261 लोग ओर हैं जिनका पैसा भी आरोपित अशोक ने गबन किया हुआ है। अब पुलिस धोखाधड़ी के मामले में पीड़ित लोगों को शामिल तफ्तीश करेगी जो ठगी का शिकार हुए हैं।

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