जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी के इलाज करने वाले चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ का वेतन दो गुना कर दिया है। जबकि आशा वर्कर भी घर-घर सर्व कर रही हैं। इसके बाद भी आशा वर्करों का वेतन नहीं बढ़ा है। ऐसे में आशाओं में काफी रोष है। शनिवार को प्रदेश में सभी आशा वर्करों ने विरोध में काली पट्टी बांधकर काम किया। जिले में शनिवार को सेंट्रल इंडियन टेड यूनियन सीटू के आह्वान पर आशा वर्कर्स ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया। अब 21 अप्रैल को खाली बर्तन बजाएंगे और भाषण नहीं राशन चाहिए के नारे लगेंगे। सरकार से बार-बार सेंटर इंडियन ट्रेड यूनियन आशा वर्कर के सचिव मंडल ने आशा वर्कर का मांग पत्र मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचा दिया। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। कोविड-19 में आशा वर्कर फ्रंट पर लड़ाई लड़ रही है। जिला की प्रधान अंजू वर्मा ने बताया कि इसके लिए मं़त्री से भी मिलने गए, लेकिन हमारी समस्या का समाधान नहीं हो सका। 21 तारीख के बाद कोई एक नई आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

Posted By: Jagran

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