जागरण संवाददाता, अंबाला : टोक्यो ओलिपिक 2020 में भारतीय महिला और पुरुष हाकी टीम के प्रदर्शन से हाकी प्रेमी काफी उत्साहित हैं। इन सभी को उम्मीद है कि भारतीय हाकी टीमें ओलिपिक में मेडल अवश्य जीतेंगी। पुरुष हाकी टीम जहां 41 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची है वहीं महिला हाकी टीम ने पहली बार सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई है। अंबाला शहर और कैंट में चल रहे हाकी सेंटर में खिलाड़ी उत्साह के साथ प्रैक्टिस कर रहे हैं। अब आगे के दो मैच काफी कठिन हैं, लेकिन भारतीय हाकी टीम को अपना प्रदर्शन बरकरार रखना होगा।

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एस्ट्रोटर्फ मिल जाए तो और मिलेंगे इंटरनेशनल खिलाड़ी

हाकी के लिए अंबाला में एस्ट्रोटर्फ नहीं है, जबकि विश्व हाकी अब कृत्रिम घास तक पहुंच चुकी है। उल्लेखनीय है कि अंबाला कैंट के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम में करीब 17 साल पहले एस्ट्रोटर्फ हाकी के लिए मंजूर हुआ था, लेकिन यह शाहाबाद में शिफ्ट हो गया। उल्लेखनीय है कि शाहाबाद से ही कई महिला हाकी खिलाड़ी भारतीय टीम में खेल रही हैं। अंबाला में भी हाकी के लिए भी अब एसट्रोटर्फ की मांग हो रही है।

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जरूर जीतेंगे पदक

ओलिपिक में लंबे अंतराल के बाद भारतीय हाकी टीमों ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। पुरुष हाकी तो 41 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची है। टीमों का खेल दमदार है और पदक अवश्य जीतेंगी।

- जितेंद्र, हाकी कोच अंबाला शहर

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टीम ने दमखम दिखाई

हाकी टीमों ने पूरे दमखम के साथ विश्व की बेहतरीन टीमों को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। पुरुष हाकी टीम 41 साल बाद पहुंची है, जबकि महिला टीम ने पहली बार ओलिपिक के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा है। टीमों का प्रदर्शन काफी दमदार है।

- एसएस मान, हाकी पूर्व खिलाड़ी

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प्रदर्शन काबिले तारीफ

जिन परिस्थितियों में हाकी टीमों ने प्रदर्शन किया है वह काबिले तारीफ है। पूरे दमखम के साथ टीमों ने अपनी विरोधी टीमों को मात दी है। यदि और सुविधाएं मिल जाएं तो कोई कारण ने नहीं हाकी में हमारा डंका बजेगा।

- राजिदर विज, अध्यक्ष हाकी अंबाला

Edited By: Jagran