नारायणगढ़, अम्बाला, संवाद सहयोगी : गन्ने के रेट में मामूली बढ़ोतरी से भड़के किसानों ने बुधवार को ट्रैक्टर पर यात्रा निकाली और सरकार का पुतला फूंका। नारायणगढ़ में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू चढ़ूनी) गुट ने आंदोलन तेज किया। यह ट्रैक्टर यात्रा नारायणगढ़ शुगर मिल बनौंदी से शुरु होकर अग्रसेन चौक, लौटों चुंगी नाका, सुभाष चौक, परशुराम चौक से होती हुई वापिस चीनी पर पहुंची। यहां पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला फूंका। भाकियू के जिला प्रधान मलकीत सिंह की अगुवाई में यह ट्रैक्टर यात्रा निकाली गई।

गन्ने के मूल्यों में 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

जिला महासचिव राजीव शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जो गन्ने के मूल्यों में 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। फिर भी भारतीय किसान यूनियन इन बढ़ाये गये रेटों पर चर्चा करने के लिए 26 जनवरी को कुरूक्षेत्र की सैनी धर्मशाला में एक बैठक करेंगे। इसमें प्रदेश की प्रत्येक मिल से 5 किसान इस बैठक में भाग लेने आएंगे। इस बैठक की भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी अध्यक्षता करेंगेें। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को चीनी मिल बनौंदी के समक्ष गन्ने की होली भी जलाई जायेगी। उन्होंने बताया कि कुरूक्षेत्र में होने वाली बैठक में ही आगामी रणनीति की घोषणा की जायेगी।

गन्ने के रेट में मामूल बढ़ोतरी किसानों से मजाक

प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राम किशन गुर्जर ने कहा कि गन्ने के रेट में महज 10 रुपये की बढ़ोतरी करके सरकार ने किसानों के साथ मजाक किया है। प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों ने जो मिलों में गन्ने की फसल रोक कर जो पेराई बंद करवाई है, वह मजबूरी में उठाया गया कदम है। उन्होंने ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में सरकार ने गन्ने के रेट में मात्र 52 रुपये की बढ़ोतरी की है, जो मात्र 6 रुपये 50 पैसे प्रति वर्ष है।

Edited By: Nidhi Vinodiya

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