विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आफत! अंबाला मंडी में बेमौसम बारिश से भीगा धान, किसानों को हुआ भारी नुकसान

Published: Fri, 16 Oct 2026 02:48 PM (IST)

अंबाला की मंडियों में बेमौसम बारिश से धान भीग गया, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। किसान और मजदूर पानी से धान की बोरियां निकालने में जुटे रहे।

मंडियों में किसानों का धान भीगा (जागरण फोटो)

मंडियों में किसानों का धान भीगा (जागरण फोटो)

HighLights

  1. बेमौसम बारिश से अंबाला की मंडियों में धान भीगा।

  2. किसान और मजदूर पानी से धान की बोरियां निकालते दिखे।

  3. मंडी में नालियों की सफाई न होने से जलभराव हुआ।

जागरण संवाददाता, अंबाला। बेमौसम बरसात किसानों के अरमानों पर पानी फेर रही है। वीरवार सुबह हुई झमाझम बारिश में जिले की मंडियों में धान भीग गया। सुबह तक धान के बारे और सूखने के लिए मंडी में लगी ढेरी बारिश के पानी से लबालब हो गई। बारिश के रुकते ही किसान और मजदूर धान की बोरी पानी से निकालने की जद्दोजहद में जुट गए। हालांकि, मंडी सचिव का कहना है कि मंडी में ज्यादातर धान बिका हुआ भीगा है। जिससे किसानों को कम ही नुकसान हुआ है।

बुधवार रात और वीरवार सुबह को अंबाला में करीब 44 एमएम बारिश हुई। मंडियों में पड़ा धान बारिश के पानी से भीग गया। मंडी अधिकारियों का कहना है कि अंबाला छावनी मंडी में अभी तक 2.75 लाख कुंतल धान की आवक हुई है, जिसमें से एजेंसियों द्वारा करीब 2.32 लाख कुंतल धान की खरीद की जा चुकी है।

लेकिन उठान की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिस कारण अभी तक मंडी में मात्र 1.28 लाख कुंतल धान की उठान हुई है। जिससे मंडी धान से भरी पड़ी है। यही कारण है कि बारिश से धान के बारे और खुले में सूखने के लिए डाली गई धान की ढेरी पानी में भीग गई।

नाली की सफाई न होने से हुई दिक्कत

मंडी में पहुंचे किसान धर्मपाल और अमरदीप ने कहा कि मंडी में नालियों की सफाई का ठेका किया गया है। लेकिन, नियमित सफाई नहीं हो रही है। जिससे नाली पूरी तरह से चोक हो चुकी हैं। बारिश के पानी की निकासी न होने के कारण परिसर में पानी भर जाता है। जिससे तिरपाल से ढकी हुई धान को भी नुकसान होता है।


मंडी में धान की खरीद तेजी से की जा रही है। किसानों से पहले ही आग्रह किया गया है कि मंडी में आवक अधिक है और वह अपना धान सुखाने के बाद ही मंडी में लेकर आएं। जिससे मंडी में उनका धान समय से बिक जाए। जो धान भीगा है उसमें ज्यादातर खरीदा जा चुका है। -नीरज भारद्वाज, सचिव अनाज मंडी अंबाला छावनी।