अंबाला कैंट में जर्जर इमारत में चल रहा GRP थाना और CIA स्टाफ, रेलवे ने थमाया खाली करने का नोटिस; 72 साल पुराना है भवन
अंबाला छावनी में जीआरपी थाना, पुलिस बैरक और सीआईए स्टाफ का भवन खतरनाक घोषित कर दिया गया है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
जीआरपी थाना, सीआईए स्टाफ भवन खतरनाक घोषित
रेलवे ने तत्काल खाली करने का नोटिस दिया
जीआरपी ने नए भवन निर्माण की मांग की
जागरण संवाददाता, अंबाला। लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए 24 घंटे तक मुस्तैद रहने वाली राजकीय रेलवे पुलिस जीआरपी हर पल खतरे के बीच अपने काम को अंजाम दे रही है। जिस भवन में जीआरपी थाना, पुलिसकर्मियों की रहने की बैरक और सीआईए स्टाफ है वह मानव उपयोग के लिए पूरी तरह से खतरनाक घोषित हो चुका है।
रेलवे के निर्माण विभाग द्वारा सभी भवनों को तत्काल प्रभाव से खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, जीआरपी थाना पुलिस दूसरा कोई भवन नहीं है। जिस कारण जीआरपी के अधिकारियों ने डीआरएम को पत्र लिखकर नए भवन की मांग की है।
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन को उत्तर रेलवे का काफी महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन माना जाता है। यहां पर प्रतिदिन औसतन 50 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं।
जिस कारण रेलवे स्टेशन के पास ही जीआरपी थाना, सीआईए स्टाफ, जीआरपी के लिए बैरक व स्टाफ भवन का निर्माण किया गया था। लेकिन, यह भवन काफी पुराने और जर्जर हो चुका है।
कुछ दिन पहले सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने धुलाई लाइन के पास स्थित इन भवनों का निरीक्षण किया था। जिसमें सभी भवनों को पूरी तरह से कंडम घोषित कर दिया गया था।
निरीक्षण के बाद रेलवे की और से 10 अक्टूबर को जीआरपी थाना पुलिस और सीआईए स्टाफ को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें सभी भवनों को मानव प्रयोग के लिए पूरी तरह से खतरनाक घोषित कर दिया गया है।
साथ ही भवन खाली करने को कहा गया है। इसके साथ ही चेतावनी जारी की गई है कि यदि इन भवनों के कारण कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी रेलवे की नहीं होगी। जीआरपी और सीआइए स्टाफ ही इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
नए भवन का कोई प्रस्ताव नहीं
जीआरपी थाना बैरक और सीआइए स्टाफ के भवन को खतरनाक श्रेणी में घोषित कर खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। लेकिन, दूसरे भवन का कोई प्रस्ताव नहीं है।
जीआरपी थाना पुलिस ने इस संबंध में डीआरएम को पत्र लिखकर नए भवन के निर्माण की मांग की है। लेकिन, अभी तक इस पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। जिससे पुराना भवन खाली करने पर भी संशय है।
1954 में बना था जीआरपी थाना
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन 1891 में बना था। इसके बाद वर्ष 1954 में आस-पास जीआरपी थाना बनाया गया था। उस समय यह पंजाब पुलिस के अधीन था। अभी भी पंजाब जीआरपी के लिए स्टेशन के पास अलग से भवन है। वहीं, एक नवंबर 1966 को हरियाणा का गठन होने के बाद यह हरियाणा पुलिस के अधीन चला गया।
