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अंबाला में दशहरे की धूम, बराड़ा में 100 फीट तो अधोया में 90 फीट रावण का रिमोट से होगा दहन

Published: Tue, 20 Oct 2026 01:16 PM (IST)

अंबाला जिले में विजय दशमी पर रावण दहन की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसमें बराड़ा में 100 फीट ...और पढ़ें

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. बराड़ा में 100 फीट ऊंचा रावण, रिमोट से होगा दहन

  2. अधोया में 90 फीट रावण, डेढ़ लाख का खर्च

  3. अंबाला कैंट और शहर में कई स्थानों पर आयोजन

जागरण संवाददाता, अंबाला। विजय दशमी यानी दशहरे पर रावण दहन की तैयारियां हैं। जिला का सबसे ऊंचा रावण बराड़ा में तैयार किया गया है जो सौ फीट का है, जबकि अधोया में 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन रिमाेट कंट्रोल से होगा।

इसके अलावा अंबाला कैंट में चार, अंबाला शहर में तीन जगहों पर दशहरे का कार्यक्रम है, जबकि इसके अलावा साहा, शहजादपुर, नारायणगढ़ में भी दशहरे पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। दूसरी ओर पुलिस द्वारा भी आयोजन स्थलों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि ट्रैफिक व्यवस्था को संभाला जाए। शाम को करीब छह बजे रावण दहन होगा।

बराड़ा में रिमोट से विशाल रावण के पुतले का दहन

बराड़ा दशहरा महोत्सव के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। दशहरा कमेटी के संयोजक विक्रम राणा ने बताया कि रावण के 100 फुट ऊंचे विशाल पुतले को क्रेन की मदद से खड़ा कर दिया गया है।

पुतला तैयार करने के लिए बुलाए गए कारीगर काम अधूरा छोड़कर चले गए। इसके बाद अमरपाल राणा ने पुतले को पूरा करवाने की जिम्मेदारी संभाली और स्थानीय लोगों के सहयोग से निर्माण कार्य पूरा कराया। इस तरह स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयासों से रावण दहन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

इसके तहत पंजाबी गायक दिलप्रीत ढिल्लों ने प्रस्तुति दी जबकि गायक जर्मन मान ने भी गीत सुनाये। महोत्सव के तहत 20 अक्टूबर को रावण दहन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें अरुण गोयल मुख्य अतिथि होंगे। आयोजन में राजेश सिंगला, कुंवर पाहवा, प्रशांत चौहान, मोनू मक्कड़, रोहतास राणा सरपंच थंबड़, हितेश पाहवा आदि सहयोग कर रहे हैं।

अधोया में 90 फीट ऊंचा रावण का पुतला

गांव अधोया में दशहरा पर्व को लेकर 90 फुट ऊंचे रावण के विशाल पुतले का निर्माण किया गया है। रामलीला कमेटी के प्रधान संदीप चौहान और निर्देशक व सचिव अनिल अहलावादी ने बताया कि इस बार रावण का पुतला तैयार करने पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए हैं। पुतले को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम साढ़े छह बजे दशहरा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बराड़ा के एमसी बलजिंदर सिंह जग्गी शिरकत करेंगे। उनकी ओर से रावण के पुतले को अग्नि के हवाले किया जाएगा। दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मुलाना में 65 फीट रावण का पुतला

मुलाना के माता बाला सुंदरी मंदिर के मैदान में रावण के पुतले लगाए गए हैं। यहां पर रावण के पुतले की लंबाई 65 फीट रही है। आयोजकों ने इसकी पूरी तैयारियां कर ली हैं, जबकि बीस अक्टूबर को शाम करीब साढ़े छह बजे रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा।

अंबाला कैंट में चार जगह आयोजन

अंबाला कैंट में दशहरे पर चार जगहों पर आयोजन किया जाएगा। इसके तहत अंबाला कैंट के गांधी मैदान में दशहरा उत्सव होगा। यहां पर करीब सत्तर फीट ऊंचे रावण के पुतले को तैयार किया गया है।

इसी तरह रामबाग रोड दशहरा मैदान में भी करीब पैंतालिस फीट ऊंचे रावण का पुतला तैयार किया गया है। इसके अलावा रेलवे कालोनी स्थित नाचघर व तोपखाना परेड में दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा।

अंबाला शहर में तीन जगहों पर दशहरा उत्सव

अंबाला शहर में हुडा मैदान सेक्टर नौ, रामबाग मैदान और बलदेव नगर में दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। अंबाला शहर के रामबाग में 65 फीट रावण, 60 फीट कुभकर्ण, 55 फीट मेघनाद तैयार किए जा रहे हैं।

सेक्टर नौ में 70 फीट रावण, 65 फीट कुभकर्ण, 65 फीट मेघनाद बनाए गए हैं। बलदेव नगर में 55 फीट रावण और 50 फीट मेघनाथ बनाए जा रहे हैं।

सनातन धर्म सभा दशहरा के संरक्षक अमरदीप सिंगला ने बताया कि सेक्टर नाै के ग्राउंड में तीनों पुतले खड़े कर दिए गए हैं। पिछले साल 55 फीट और 50 फीट के रखे गए थे।

वहीं बलदेव नगर में पिछले 54 साल से लगातार शंकर ड्रामाटिक क्लब काम कर रहा है। 1972 में स्व. सतपाल न्यासी ने क्लब की शुरूआत की थी और तभी से यह आयोजन हो रहा है।

राम और रावण के अंतिम युद्ध की भी तैयारियां

जिला में जहां भ्ज्ञी दशहरा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, वहां पर राम और रावण के अंतिम युद्ध की भी तैयारियां हैं। शाम को राम और रावण के बीच युद्ध का मंचन होगा।

इसके साथ ही भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इसके बाद रावण और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाएगा।